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भोपाल गैस त्रासदी मामला: बीएमएचआरसी से डॉक्टर क्यों देते हैं इस्तीफा, हाईकोर्ट ने मांगा आईएमसीआर के डॉक्टर से हलफनामा

Thu, 14 Apr 2022 02:53 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

मप्र हाईकोर्ट ने मॉनिटरिंग कमेटी को निर्देशित किया है कि पूर्व में डॉक्टर ने बीएचएमआरसी क्यों छोड़ा, इस संबंध उनसे जानकारी लेकर जवाब पेश करें। याचिका पर अगली सुनवाई 25 अप्रैल को निर्धारित की गई है।
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सांकेतिक फोटो - फोटो : Social Media
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विस्तार
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भोपाल गैस त्रासदी मामले में दायर याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट जस्टिस शील नागू तथा जस्टिस एमएस भट्टी की युगलपीठ ने बीएमएचआरसी में कार्य करने के लिए प्रोत्साहित करने के संबंध में आईएमसीआर के डायरेक्टर को हलफनामा पेश करने के निर्देश जारी किए हैं। युगलपीठ ने मॉनिटरिंग कमेटी को निर्देशित किया है कि पूर्व में डॉक्टर ने बीएचएमआरसी क्यों छोड़ा, इस संबंध उनसे जानकारी लेकर जवाब पेश करें। याचिका पर अगली सुनवाई 25 अप्रैल को निर्धारित की गई है।
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गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने साल 2012 में भोपाल गैस पीड़ित महिला उद्योग संगठन सहित अन्य की ओर से दायर की गई याचिका की सुनवाई करते हुए भोपाल गैस पीड़ितों के उपचार व पुनर्वास के संबंध में 20 निर्देश जारी किए थे। इन बिंदुओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित कर मॉनिटरिंग कमेटी का गठित करने के निर्देश भी जारी किए थे। मॉनिटरिंग कमेटी प्रत्येक तीन माह में अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट के समक्ष पेश करने तथा रिपोर्ट के आधार पर हाईकोर्ट द्वारा राज्य सरकार को आवश्यक दिशा-निर्देश देने को भी कहा गया था। जिसके बाद उक्त याचिका पर हाईकोर्ट द्वारा सुनवाई की जा रही थी। याचिका के लंबित रहने के दौरान मॉनिटरिंग कमेटी की अनुशंसाओं का राज्य सरकार द्वारा परिपालन नहीं किए जाने के खिलाफ भी अवमानना याचिका दायर की गई थी। दायर अवमानना में कहा गया था कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी निदेर्शों का परिपालन केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा नहीं किया जा रहा है। गैस त्रासदी के पीड़ित व्यक्तियों के हेल्थ कार्ड तक नहीं बने हैं। इसके अलावा अस्पतालों में आवश्यकता अनुसार उपकरण व दवाएं उपलब्ध नहीं हैं। बीएमएचआरसी के भर्ती नियम निर्धारित होने के कारण डॉक्टर व पैरा मेडिकल स्टाफ स्थाई तौर पर अपनी सेवाएं प्रदान नहीं करते हैं।

पिछली सुनवाई के दौरान युगलपीठ ने केन्द्र व राज्य सरकार को निर्देशित किया था कि अभी तक मॉनिटरिंग कमेटी द्वारा पेश की गई 18 त्रैमासिक रिपोर्ट में कितनी अनुशंसा की गई है और कितनी अनुशंसाओं का परिपालन किया गया है, इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट पेश करें याचिका पर बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान युगलपीठ को बताया गया कि बीएचएमआरसी में डॉक्टर नियुक्त किए जाते हैं, परंतु कुछ समय बाद वे नौकरी छोड़कर चले जाते हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता अजय गुप्ता ने युगलपीठ को सुझाव दिया कि डॉक्टर नौकरी छोड़कर क्यों जाता है, इस संबंध में उनसे जानकारी प्राप्त की जाए। याचिका की सुनवाई के बाद युगलपीठ ने उक्त आदेश जारी किए। युगलपीठ ने दायर अवमानना याचिका में वर्तमान अधिकारियों को अनावेदक बनाने के निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ता की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता नमन नागरथ तथा अधिवक्ता काशीराम पटैल उपस्थित हुए।
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