मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री ने भोपाल पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर गुजरात की कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। जिन इंजीनियर और मजदूर की मौत हुई है, वह इसी कंपनी के लिए काम करते थे।
मध्य प्रदेश के भोपाल में सीवेज में गिरने से इंजीनियर और नाबालिग मजदूर की मौत के मामले में गुजरात की अंकिता कंस्ट्रक्शन कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी। प्रदेश के नगरीय प्रशासन और आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह ने इस संबंध में भोपाल पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर कार्रवाई करने को कहा है। हादसा उस समय हुआ जब दोनों सीवेज लाइन की गहराई नापने उसके अंदर उतरे थे।
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भोपाल नगर निगम आयुक्त ने सोमवार को हुए हादसे में अपनी जांच रिपोर्ट मंत्री को सौंप दी है। उसमें साफ है कि सोमवार के हादसे में कंस्ट्रक्शन कंपनी दोषी है। उसने अपने कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण नहीं दिए थे। मंत्री ने आयुक्त को लिखे पत्र में दोनों मृतकों के रिश्तेदारों को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कंपनी पर दंडात्मक कार्रवाई करने को भी कहा है।
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मंत्री ने भोपाल पुलिस कमिश्नर को लिखे पत्र में कहा कि अंकिता कंस्ट्रक्शन कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। यह कंपनी ही भोपाल में सीवेज लाइन बिछा रही है। मंत्री के पत्र के मुताबिक कंस्ट्रक्शन कंपनी ने सीवेज संबंधित कार्यों के लिए स्टाफ को सुरक्षा उपकरण नहीं दिए थे, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। कंपनी ने सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया है। कंपनी ने नाबालिग मजदूर को काम पर रखकर आपराधिक कृत्य किया है।
क्या है मामला
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर के रहने वाले इंजीनियर दीपक कुमार सिंह, उम्र-28 वर्ष अपने झाबुआ के रहने वाले सहयोगी भरत सिंह (नाबालिग) के साथ सोमवार को करीब 20 फीट गहरी सीवेज लाइन में उतरे थे। वह गहराई नाप रहे थे। काफी देर तक जब वे ऊपर नहीं आए तो लोगों ने पुलिस को बुलवाया और फिर तलाश शुरू हुई। दोनों के जूते मेनहोल के बाहर रखे थे। दो घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने दोनों के शव सीवेज से निकलवाए। गुजरात की अंकिता कंस्ट्रक्शन कंपनी ने 2018 में भोपाल नगर निगम का सीवेज लाइन बिछाने का प्रोजेक्ट हासिल किया था।