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Bhind News: प्रशासन से नाराज होकर धरने पर बैठे विधायक, पूर्व नेता प्रतिपक्ष की कोठी पर भी उठाए सवाल

Mon, 23 Mar 2026 08:58 PM IST
भिन्ड ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिंड

सार

भिंड जिले के लहार विधायक अम्बरीश शर्मा ने प्रशासन के खिलाफ तीन मुद्दों पर धरना शुरू किया। उन्होंने सरकारी रास्ता अवरुद्ध होने, बिजली अधिकारियों के व्यवहार और रेत खदान बंद होने से महंगी रेत के मुद्दे उठाए। प्रशासन से कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।
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भिंड में लहार विधानसभा के विधायक अमरीश शर्मा
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विस्तार
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भिंड जिले लहार विधायक अम्बरीश शर्मा ने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर प्रशासन के खिलाफ धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि वे पिछले 35 वर्षों से जनता की लड़ाई लड़ रहे हैं और अब भी तीन प्रमुख मुद्दों को लेकर जनता के साथ मैदान में उतरे थे। 

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बता दें कि विधायक ने पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह के परिवार के नाम से बनी कोठी पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह कथित रूप से सरकारी रास्ते पर बनी है, जो दलित और पिछड़ी बस्ती का रास्ता है। उन्होंने बताया कि इस रास्ते को लेकर अनुसूचित जाति के लोग पिछले 595 दिनों से आंदोलनरत हैं, लेकिन प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

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विधायक ने प्रशासन से मांग की कि यदि नापतौल सही है तो लिखित में जानकारी दी जाए, अन्यथा रास्ता तत्काल खुलवाया जाए। दूसरे मुद्दे पर विधायक ने बिजली कंपनी की उप महाप्रबंधक के व्यवहार को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अधिकारी जनता के साथ अभद्र व्यवहार कर रहे हैं और लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। तीसरे मुद्दे के रूप में विधायक ने लहार क्षेत्र में रेत खदानों के बंद होने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर खदानों को तीन हिस्सों में बांटा गया, लेकिन लहार क्षेत्र की खदानें अब तक शुरू नहीं हो सकीं। इसका असर यह है कि पास के मेहगांव क्षेत्र में 5 हजार रुपए में मिलने वाली रेत लहार में 11 हजार रुपए में बिक रही है।
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समाजसेवी बाबूलाल टैंगोर ने बताया कि दलित बस्ती मझतौरा मोहल्ले के सरकारी रास्ते को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। उनका कहना है कि सरकारी नापतौल में यह स्पष्ट हो चुका है कि रास्ता अवरुद्ध है। इसके बावजूद प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा। उन्होंने बताया कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट और एसडीएम कोर्ट तक से निर्णय हो चुके हैं, लेकिन जमीन पर अमल नहीं हो रहा। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक रास्ता नहीं खुलता, आंदोलन जारी रहेगा।

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