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Bhind News: भिंड में सहकारी समिति का विवाद गरमाया, सहायक सेक्रेटरी का कथित अपहरण, चार पर एफआईआर दर्ज

Thu, 06 Aug 2026 08:19 AM IST
भिन्ड ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिंड

सार

भिंड जिले की मछण्ड सहकारी समिति में गेहूं खरीदी से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के बीच सहायक सेक्रेटरी विनोद सिंह राजावत के अपहरण, बंधक बनाकर मारपीट करने के मामले में लहार थाना पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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अपराध - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भिंड जिले के लहार अनुभाग की मछण्ड सहकारी समिति में शासकीय गेहूं खरीदी से जुड़े कथित अवैध लेनदेन और भ्रष्टाचार को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। समिति के सहायक सेक्रेटरी विनोद सिंह राजावत के साथ कथित रूप से अपहरण, बंधक बनाकर मारपीट किए जाने के मामले में लहार थाना पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
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पुलिस के अनुसार, फरियादी विनोद सिंह राजावत की शिकायत पर आरोपी अजीत चौहान, धीरेंद्र सिंह चौहान, पवन गुप्ता और अभिनंदन चौहान के खिलाफ  मामला दर्ज किया गया है।

एफआईआर के मुताबिक चार अगस्त की रात आरोपियों ने विनोद सिंह राजावत को जबरन गाड़ी में बैठाकर एक कमरे में ले जाकर बंधक बनाया और उनके साथ मारपीट की। घटना के बाद पीड़ित की शिकायत पर पांच अगस्त रात को लहार थाने में अपराध दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
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बताया जा रहा है कि पूरा विवाद शासकीय समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी में हुए कथित भ्रष्टाचार और पैसों के लेनदेन को लेकर हुआ। आरोप है कि समर्थन मूल्य का लाभ लेने के लिए बाहर से सस्ता गेहूं लाकर संस्था में खपाया गया था। इस कथित अवैध कारोबार में शामिल लोगों के बीच कमाई के बंटवारे को लेकर विवाद बढ़ा और मामला हिंसा तक पहुंच गया।

वहीं, आरोपी पक्ष का दावा है कि उन्होंने संस्था में जो गेहूं जमा कराया था, उसका भुगतान सहायक सेक्रेटरी ने नहीं किया, जिसके कारण विवाद उत्पन्न हुआ। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।

गौरतलब है कि भिंड जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी में फर्जीवाड़े के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। पूर्व में कलेक्टर के निर्देश पर बाहर से सस्ता गेहूं लाकर फर्जी किसानों के नाम पर खरीदी दिखाने और सरकारी राशि का दुरुपयोग करने के मामलों में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है।

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फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच में यह स्पष्ट होगा कि मारपीट और अपहरण की इस वारदात के पीछे केवल लेनदेन का विवाद था या गेहूं खरीदी से जुड़े कथित फर्जीवाड़े का कोई बड़ा नेटवर्क भी सामने आता है। साथ ही, जांच पूरी होने तक भ्रष्टाचार और अवैध खरीदी से जुड़े आरोपों की पुष्टि होना बाकी है।
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