पेट दर्द का इलाज कराने के बाद युवक की मौत का मामला सामने आया है।
भिंड जिले के रौन थाना क्षेत्र में पेट दर्द का इलाज कराने गए 22 वर्षीय युवक की तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। परिजनों ने विधि क्लीनिक के संचालक पुष्पेंद्र पर गलत इलाज करने का आरोप लगाया है। युवक की मौत के बाद पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने क्लीनिक संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने विधि क्लीनिक को सील कर दिया है।
मेहदा गांव निवासी 22 वर्षीय विश्वास सिंह राजावत, पुत्र बबलू सिंह राजावत, प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा था। परिजनों के मुताबिक रेलवे की परीक्षा देने जयपुर गया था। वापस गांव लौटा था। 22 अगस्त को उसके पेट में हल्का दर्द हुआ। इसके बाद वह इलाज कराने रौन स्थित विधि क्लीनिक पहुंचा। परिजनों का आरोप है कि क्लीनिक संचालक पुष्पेंद्र ने विश्वास को दवा दी। दवा लेने के बाद वह घर लौट गया, लेकिन पेट दर्द ठीक नहीं हुआ। इसके बाद वह दोबारा क्लीनिक पहुंचा, जहां उसे ड्रिप लगाने के साथ इंजेक्शन भी लगाए गए। परिजनों के मुताबिक इसके बाद उसे पतले दस्त होने लगे। इसी दौरान उसका जीजा भी क्लीनिक पहुंचा और डॉक्टर को उसकी बिगड़ती तबीयत के बारे में बताया। परिजनों का कहना है कि डॉक्टर ने इसे सामान्य परेशानी बताते हुए विश्वास को घर ले जाने की सलाह दी और कुछ दवाएं भी दीं।
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घर पहुंचने के बाद विश्वास के शरीर पर लाल निशान उभर आए। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे फिर क्लीनिक लेकर पहुंचे। हालत देखकर उसे भिंड ले जाने की सलाह दी गई। परिजन उसे भिंड लेकर जा रहे थे, तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव को रौन लाया गया, जहां पुलिस ने पोस्टमॉर्टम कराया। शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने विधि क्लीनिक को सील कर दिया है। फिलहाल युवक की मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं है। पुलिस के अनुसार पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस एफआईआर और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।