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सोशल मीडिया पर फैल रही बच्चा चोरी संबंधी अफवाहों से सावधान रहें: एडीजी इंटेलिजेंस

Sun, 28 Jul 2019 09:47 PM IST
गौरव द्विवेदी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
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मध्य प्रदेश पुलिस (लोगो) - फोटो : सोशल मीडिया
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मध्य प्रदेश के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (इंटेलिजेंस) कैलाश मकवाना ने बच्चा चोर गैंग व रोहिंग्या मुसलमानों द्वारा बच्चों का अपहरण कर उन्हें बेचने संबंधी अफवाहों से प्रदेश की जनता को सावधान रहने की अपील की है। मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय द्वारा रविवार को जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया कि मकवाना ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया, मसलन व्हाट्सएप व फेसबुक इत्यादि पर विभिन्न प्रकार की पुरानी घटनाओं को जोड़कर और फर्जी मैसेज बनाकर अफवाहें फैलाई जा रही हैं।

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मकवाना ने उदाहरण दिया कि पिछले दिनों देवास के खातेगांव क्षेत्र में पकड़े गए चोरों की तस्वीरें और रतलाम में सूअर के बच्चों को पकड़ने के बाबत दो लोगों की बातचीत के ऑडियो को मिलाकर ऐसा पेश किया गया कि बच्चों का अपहरण करने वाला गिरोह पकड़ लिया गया है। इसी तरह रतलाम के ढोढर क्षेत्र में 15 लड़के और बांछड़ा डेरे की 8 लड़कियां पकड़ी गईं। उनकी तस्वीरों को इस तरह से सोशल मीडिया पर प्रस्तुत किया गया कि पुलिस ने बच्चा चोर गैंग से अपहृतों को छुड़ाया है।

उन्होंने बताया कि संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षक से इसकी जांच कराई गई, जिसमें घटना असत्य पाई गई अर्थात सोशल मीडिया पर चल रहा बच्चा चोर गैंग संबंधी मेसेज झूठा साबित हुआ। संबंधित ग्रुपों में पुलिस द्वारा इसकी स्थिति स्पष्ट की गई है। मकवाना ने बताया कि इन अफवाओं एवं संदेह की वजह से कुछ क्षेत्रों में मासूम व्यक्तियों को पीटने की जानकारी भी मिली है।
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उन्होंने कहा कि सभी जिलों की पुलिस और प्रशासन से कहा गया है कि सोशल मीडिया पर नजर रखें और अफवाहों का तत्परता से खंडन करें, जिससे अफवाहों की वजह से मॉब लिंचिंग एवं भीड़ द्वारा की गई पिटाई की घटनाएं न हो। साथ ही सोशल मीडिया, प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से इस संबंध में जागरुकता सुनिश्चित की जाए।

मकवाना के बताया कि जन-जागरुकता के जरिए लोगों को अफवाहों से बचने और अफवाह की सूचना पुलिस को देने के लिए प्रेरित करने के लिए भी कहा गया है। साथ ही अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की हिदायत भी दी गई है।

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