ट्रेन यात्रा के दौरान हुए मामूली विवाद ने एक युवक की जान ले ली। बोरदेही रेलवे स्टेशन पर हुई इस सनसनीखेज घटना के मामले में जीआरपी आमला ने फरार चल रहे तीन आरोपियों को तमिलनाडु से गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। मामले में एक नाबालिग को भी अभिरक्षा में लिया गया है, जबकि मुख्य आरोपी की तलाश अभी जारी है।
जानकारी के अनुसार, छिंदवाड़ा जिले के परतला निवासी 25 वर्षीय अली खान अपने साथियों के साथ पेंचवेली एक्सप्रेस से भोपाल की ओर यात्रा कर रहा था। यात्रा के दौरान परासिया स्टेशन के पास सीट को लेकर उसका एक युवक से विवाद हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उस समय मामला शांत हो गया था, लेकिन बाद में यह विवाद जानलेवा साबित हुआ। पुलिस जांच में सामने आया कि ट्रेन के बोरदेही स्टेशन पहुंचने पर विवाद से जुड़े कुछ लोगों ने अली खान को ट्रेन से नीचे उतार लिया। इसके बाद उसके साथ लाठी-डंडों से मारपीट की गई। गंभीर चोट लगने से उसकी हालत बिगड़ गई और बाद में उसकी मौत हो गई।
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घटना की सूचना मिलने पर जीआरपी आमला ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, तकनीकी साक्ष्य और सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस ने आरोपियों की पहचान की। प्रारंभिक कार्रवाई में कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जबकि अन्य फरार चल रहे थे। फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस ने साइबर सेल और तकनीकी टीम की मदद ली। जांच के दौरान पता चला कि तीन आरोपी तमिलनाडु के डिंडीगुल क्षेत्र में छिपे हुए हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए कमलेश उईके उर्फ बाबा रामदेव, अंकुश कोराई तथा एक नाबालिग को पकड़ लिया। आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल डंडे भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं, मामले के मुख्य आरोपी सागर की तलाश लगातार जारी है। जीआरपी अधिकारियों के अनुसार, हत्या जैसे गंभीर अपराध में शामिल सभी आरोपियों को कानून के दायरे में लाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस कार्रवाई में जीआरपी आमला, साइबर सेल और कंट्रोल रूम की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।