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MP News: बैतूल ऑयल मिल में हादसा, वाटर ट्रीटमेंट टैंक में मिले दो कर्मचारियों के शव, पुलिस जांच में जुटी

Sun, 16 Mar 2025 04:02 PM IST
बैतूल ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैतूल

सार

ऑपरेटर महेश नागले ने बताया कि रात में ड्यूटी के दौरान शिफ्ट इंचार्ज दिखाई नहीं दिए। जब उनकी तलाश की गई, तो वह पानी के टैंक में मिले। फिर दूसरे कर्मचारी की भी खोजबीन की गई, और वह भी टैंक में मिला।
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बैतूल ऑयल मिल में हादसा।
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विस्तार
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मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में शनिवार देर रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। ऑयल मिल के वाटर ट्रीटमेंट टैंक में दो कर्मचारियों के शव बरामद किए गए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन और मृतकों के परिजन मौके पर पहुंचे। फिलहाल, मौत का कारण स्पष्ट नहीं है। यह घटना बैतूल कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत इटारसी रोड पर स्थित बैतूल ऑयल मिल में हुई। जहां, सोयाबीन रिफाइनिंग और खाद्य तेल पैकेजिंग का कार्य किया जाता है। 

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जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान दयाराम नरवरे और कैलाश पानकर के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि देर रात जब वे अपनी शिफ्ट के बाद दिखाई नहीं दिए, तो उनकी तलाश शुरू की गई। इस दौरान दोनों के शव टैंक में मिले। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद दोनों शवों को टैंक से बाहर निकाला गया।
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शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया, लेकिन परिजनों ने घटना को लेकर नाराजगी जताई और मुआवजे की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस प्रशासन ने परिजनों को आश्वासन दिया, इसके बाद परिजन शांत हुए।  एडिशनल एसपी कमला जोशी ने बताया कि बैतूल ऑयल मिल में दो कर्मचारियों की मौत की सूचना मिली थी। प्रारंभिक जांच में संभावना जताई जा रही है कि दोनों की मौत पानी के टैंक में डूबने से हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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ऑपरेटर महेश नागले ने बताया कि रात में ड्यूटी के दौरान शिफ्ट इंचार्ज दिखाई नहीं दिए। जब उनकी तलाश की गई, तो वह पानी के टैंक में मिले। फिर दूसरे कर्मचारी की भी खोजबीन की गई, और वह भी टैंक में मिला। इसकी सूचना तुरंत प्रबंधन को दी गई। एचआर मैनेजर अजय कुमार मिश्रा ने बताया कि दोनों कंपनी के ही कर्मचारी थे, वे 12 से 4 बजे की ड्यूटी पर थे। रात 12 बजे के बाद थर्ड शिफ्ट का स्टाफ आया, तो वे दोनों नहीं मिले। इसकी सूचना  सुरक्षा विभाग को दी गई, फिर खोजबीन करने पर उनके शव टैंक में मिले।

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प्रबंधन घटना की जानकारी दे
मृतक के भतीजे कैलाश नरवरे ने कहा कि  मेरे चाचा पिछले 25 साल से इस फैक्ट्री में काम कर रहे थे। हमें यह जानना जरूरी है कि यह हादसा कैसे हुआ। प्रबंधन को घटना की पूरी जानकारी देनी चाहिए।
 





 

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