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मुख्यमंत्रियों की राजनीति की भेंट चढ़े 16 गांव, ग्रामीणों ने बैनर लगाकर किया चुनाव का बहिष्कार

Fri, 05 Oct 2018 05:18 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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जिस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व पूर्व प्रधानमत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी, दो बार मुख्यमंत्री रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता सुंदरलाल पटवा, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और विदेश मंत्री एवं सांसद सुषमा स्वराज ने किया वहां के लोग आज भी सरकारी योजनाओं अपने अधिकारों से वंचित है। कई बार कागजी कार्यवाही के बावजूद 15 हजार से अधिक मतदाता सरकारी योजनाओं के लिए तरस रहे हैं। 

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यह हकीकत रायसेन जिले के भोजपुर विधानसभा के बाड़ी और ओबेदुल्ला गंज जनपद पंचायत की है, जहां सन 1975 में बारना डेम में डूबे 16 गांवों को सरकार ने प्रतिस्थापित तो किया लेकिन 43 वर्ष बाद भी उन्हें मकान और भूमि के पट्टे नहीं मिले। 

दिलचस्प बात यह है कि इस क्षेत्र से चुने गए सांसद, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री बने प्रतिनिधि ने भी इनकी सुध नहीं ली। बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की सरकार में वर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सांसद रहते हुए इन गांवो के पट्टे के लिए कई चिट्ठियां लिखी और आंदोलन किये, लेकिन इन 16 गांव के दलित आदिवासी का भला नहीं हो सका। 
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जब शिवराज सिंह चौहान इन आदिवासियों के लिए पट्टे की लड़ाई लड़ रहे थे उस समय वह सांसद थे लेकिन आज 15 साल से राज्य के मुख्यमंत्री हैं उसके बाद भी इन आदिवासी गरीबों को इनका हक नहीं मिला। यही नहीं यह क्षेत्र पूर्व मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा का विधानसभा क्षेत्र रहा है और उन्होंने भी वर्तमान सरकार से कई पत्राचार किए लेकिन इन गरीबों को न्याय नहीं दिला पाए। आज इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व उनके भतीजे पर्यटन मंत्री सुरेन्द्र पटवा  कर रहे हैं जो दूसरी बार मप्र शासन में मंत्री हैं जब आज सरकार उनकी है और वह भी मंत्री होते हुए भी इन गरीबों की नहीं सुनी जा रही है। इससे नाराज मतदाताओं ने साल 2018 में होने वाले विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने की बात कही है। 

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