संपत्ति के लिए बेटे ने अपने साथियों के साथ मिलकर पिता की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। पिता की हत्या के आरोप में न्यायालय से जमानत मिलने के बाद बेटा फरार हो गया। न्यायालय ने प्रकरण की सुनवाई करते हुए छह साथियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट के श्री केएस बारिया ने आरोपियों को पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है।
अभियोजन के अनुसार, 9 दिसंबर 2018 को थाना लालबर्रा क्षेत्रांतर्गत जमीनी विवाद के चलते गजानन ब्रम्हे ने अपने साथियों के साथ मिलकर अपने ही पिता लेखराम की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में प्रस्तुत किया। प्रकरण की सुनवाई के दौरान आरोपियों को जमानत का लाभ मिल गया था, लेकिन जमानत मिलने के बाद मुख्य आरोपी गजानन ब्रम्हे फरार हो गया।
प्रकरण की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत किए गए गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी राखी पिता सुनेलाल डहरवाल (28) निवासी ग्राम कनकी, विक्की पिता देवीचंद डहरवाल (33) निवासी कनकी, राजेंद्र उर्फ मनोज हनवत पिता दिमाकचंद (30) निवासी सोनझरा, जितेंद्र उर्फ हनुमान सोनवाने, कौशिक पिता बलराम मेश्राम (26), और राजेश उर्फ राज सोनवाने पिता शिवलाल सोनवाने (28) निवासी सोनझरा को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
मुख्य आरोपी और मृतक का बेटा अभी भी फरार है। अभियोजन की ओर से कपिल कुमार डेहरिया, विशेष लोक अभियोजक ने पैरवी की।