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Balaghat News: पत्तों पर परोसा मिड-डे मील, प्रशासन ने दिखाई सख्ती, प्रभारी प्रधानपाठक निलंबित

Wed, 07 Jan 2026 04:15 PM IST
बालाघाट ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाट

सार

किरनापुर विकासखंड स्थित शासकीय प्राथमिक शाला मेंढरा में बच्चों को केले के पत्तों में मध्यान्ह भोजन परोसने के मामले में कलेक्टर ने प्रभारी प्रधानपाठक को गंभीर लापरवाही के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
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पत्तों में परोसा गया मध्यान्ह भोजन
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विस्तार
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जिले के किरनापुर विकासखंड स्थित शासकीय प्राथमिक शाला मेंढरा में बच्चों को पत्तों में मध्यान्ह भोजन परोसने के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर मृणाल मीणा ने स्कूल के प्रभारी प्रधानपाठक सूर्यकांत कालबेले को शासकीय कर्तव्यों में गंभीर लापरवाही और अनुशासनहीनता का दोषी मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय शासकीय प्राथमिक शाला छतरपुर, विकासखंड बैहर निर्धारित किया गया है।

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यह मामला उस समय सुर्खियों में आया, जब शासकीय प्राथमिक शाला मेंढरा में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को मध्यान्ह भोजन केले के पत्तों में परोसे जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग और प्रशासन की काफी किरकिरी हुई। शुरुआती तौर पर प्रशासन ने इस खबर को भ्रामक बताते हुए इससे इंकार किया था, लेकिन जब वीडियो की सत्यता को लेकर सवाल उठे तो पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए गए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए विकासखंड स्रोत समन्वयक (बीआरसी) और विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) किरनापुर द्वारा विद्यालय में जांच की गई। जांच के दौरान प्रभारी प्रधानपाठक सूर्यकांत कालबेले ने स्वयं स्वीकार किया कि विद्यार्थियों को पत्तों में ही मध्यान्ह भोजन परोसा गया था। इसके बाद उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया, लेकिन उनका स्पष्टीकरण विभाग को संतोषजनक नहीं लगा।
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जांच रिपोर्ट में यह तथ्य भी सामने आया कि विद्यालय में थाली और अन्य आवश्यक बर्तनों की खरीद के लिए करीब तीन हजार रुपये की राशि पहले से उपलब्ध थी। इसके बावजूद न तो बर्तन खरीदे गए और न ही बर्तनों की कमी की जानकारी किसी वरिष्ठ अधिकारी को दी गई। अधिकारियों का कहना है कि यह सीधा तौर पर शासकीय दायित्वों के प्रति उदासीनता को दर्शाता है।

बीआरसी और बीईओ की जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि विद्यालय में भोजन वितरण के लिए थालियां उपलब्ध थीं, इसके बावजूद जान-बूझकर विद्यार्थियों को केले के पत्तों में भोजन परोसा गया। इसे छात्र कल्याण से जुड़ी मध्यान्ह भोजन योजना के नियमों का खुला उल्लंघन माना गया है।
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कलेक्टर मृणाल मीणा ने जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की है। आदेश में कहा गया है कि प्रभारी प्रधानपाठक का यह कृत्य पदीय कर्तव्यों के प्रति घोर अनुशासनहीनता, लापरवाही और शासन की छात्र कल्याणकारी योजना की भावना के विपरीत है। इसी आधार पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है मामले के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप है और अन्य स्कूलों में भी मध्यान्ह भोजन व्यवस्था की जांच तेज किए जाने के संकेत मिल रहे हैं।

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