फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक अक्तूबर को बालाघाट आएंगे राहुल गांधी: बैगा-गोंड समुदाय के बच्चों की मौत को लेकर दौरा, सिंघार ने की पुष्टि

Tue, 29 Sep 2026 05:02 PM IST
बालाघाट ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाट

सार

बालाघाट के आदिवासी बहुल इलाकों में 30 से अधिक बच्चों की मौत के बाद मामला गरमा गया है। कांग्रेस सरकार पर सवाल उठा रही है। राहुल गांधी 1 अक्तूबर को प्रभावित गांवों का दौरा करेंगे। हाईकोर्ट भी मामले में सरकार से जवाब मांग चुका है।

विज्ञापन
राहुल गांधी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के आदिवासी बहुल इलाकों में बच्चों की मौत का मामला अब सियासी मुद्दा बन गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी 1 अक्तूबर को बालाघाट के प्रभावित गांवों का दौरा कर मृत बच्चों के परिजनों से मुलाकात कर सकते हैं। मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी सोशल मीडिया पर राहुल गांधी के दौरे की जानकारी साझा की है।

बालाघाट के बैहर और बिरसा क्षेत्र के आदिवासी बहुल गांवों में पिछले कुछ महीनों में 30 से अधिक बच्चों की मौत की रिपोर्ट सामने आई है। इनमें बड़ी संख्या बैगा और गोंड समुदाय के बच्चों की बताई गई है। हालांकि, मौतों की संख्या को लेकर प्रशासन और अन्य स्रोतों के आंकड़ों में अंतर रहा है। सितंबर की रिपोर्टों में 30 से अधिक मौतों का उल्लेख किया गया है।

विज्ञापन

 

 

इस मामले में ग्रामीणों और विपक्ष की ओर से स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, कुपोषण, दूषित पानी और समय पर इलाज नहीं मिलने जैसे सवाल उठाए गए हैं। वहीं, जांच में अब तक किसी एक बीमारी या वायरस को इन मौतों का एकमात्र कारण नहीं माना गया है। केंद्र की जांच में खसरा, मलेरिया, संक्रमण, सांस संबंधी परेशानी, डिहाइड्रेशन, कुपोषण, एनीमिया और शॉक जैसी कई चिकित्सकीय स्थितियां सामने आने की बात कही गई है।

मामले को लेकर कांग्रेस लगातार राज्य सरकार पर सवाल उठा रही है। राहुल गांधी भी पहले इस मुद्दे पर सरकार को घेर चुके हैं। अब उनके प्रस्तावित बालाघाट दौरे को कांग्रेस के लिए इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

पढ़ें: फायरिंग के बाद आरोपी को छुड़ाकर ले गए बदमाश, चार गाड़ियों से पहुंचे थे

इससे पहले कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने भी बालाघाट के प्रभावित आदिवासी गांवों का दौरा किया था। उन्होंने मृत बच्चों के परिजनों से मुलाकात कर स्वास्थ्य सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। उनके दौरे के दौरान स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स के साथ कथित तौर पर बहस और विरोध के वीडियो भी सामने आए थे।

मामला अब न्यायिक स्तर पर भी पहुंच चुका है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर पीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से बच्चों की मौत से जुड़े दस्तावेज और जवाब पेश करने को कहा है। याचिका में आदिवासी बहुल दूरस्थ गांवों में बच्चों की मौत और स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति को लेकर सवाल उठाए गए हैं।

वहीं, प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य निगरानी, जांच और उपचार की व्यवस्था बढ़ाए जाने की जानकारी दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, मौतों के पीछे किसी एक अज्ञात वायरस की पुष्टि नहीं हुई है और अलग-अलग चिकित्सकीय कारणों की जांच की जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें