बालाघाट में एक आरक्षक को वर्दी में बिना हेलमेट स्कूटी चलाना महंगा पड़ गया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के कुछ घंटों में ही पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने कड़ी कार्रवाई करते हुए आरक्षक ईश्वरदयाल कोल्हे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही उन्हें पुलिस लाइन में अटैच कर दिया गया है।
17 नवंबर का बताया जा रहा यह वीडियो एक राहगीर ने मोबाइल से शूट किया था। करीब 18 सेकंड के इस वीडियो में आरक्षक कोल्हे वर्दी में स्कूटी चलाते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने हेलमेट नहीं पहना था, जिसके चलते लोगों ने पुलिस की ओर से यातायात नियम तोड़ने पर तंज भी कसे। सोशल मीडिया पर आते ही वीडियो तेजी से वायरल हो गया और आम जनता में सवाल उठने लगे कि जब पुलिसकर्मी ही नियम तोड़ेंगे तो लोगों को कैसे समझाया जाएगा।
वीडियो पर संज्ञान लेकर एसपी आदित्य मिश्रा ने कहा कि जिले में सड़क सुरक्षा और हेलमेट अनिवार्य अभियान सख्ती से लागू है। ऐसे में वर्दीधारी कर्मचारी का खुद नियमों का उल्लंघन करना गंभीर मामला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कृत्य न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति लापरवाही है, बल्कि इससे पुलिस की छवि भी आम जनता में प्रभावित होती है। इसी आधार पर आरक्षक के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई।
ये भी पढ़ें: MP News: उच्च क्षमता वाली बिजली लाइनें बिछाने पर निजी भूमि मालिकों को अब मिलेगा 200% मुआवजा
निलंबन आदेश में यह भी उल्लेखित है कि आरक्षक कोल्हे को प्रतिदिन की गणना में उपस्थिति दर्ज कराना होगी। एसपी ने रक्षित निरीक्षक को निर्देश दिए हैं कि निलंबित आरक्षक की उपस्थिति सुनिश्चित करना उनकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी। साथ ही यह भी आदेश दिया गया है कि आरक्षक लिखित अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेगा।
घटना की प्रारंभिक जांच सीएसपी बालाघाट को सौंपी गई है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे पूरे मामले की जांच कर सात दिनों के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। जांच में यह भी देखा जाएगा कि नियमों के उल्लंघन के पीछे कोई और कारण था या यह सिर्फ लापरवाही थी।
सड़क सुरक्षा अभियान के बीच वर्दीधारी कर्मचारी का ऐसा वीडियो सामने आना पुलिस विभाग के भीतर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। उच्च अधिकारियों का कहना है कि पुलिसकर्मियों का आचरण जनता के लिए उदाहरण होना चाहिए। अगर अधिकारी और कर्मचारी खुद नियमों का पालन नहीं करेंगे तो अभियान की प्रभावशीलता पर सीधा असर पड़ेगा।
निलंबित आरक्षक ईश्वरदयाल कोल्हे उप पुलिस अधीक्षक (महिला सुरक्षा) के कार्यालय में चालक के रूप में पदस्थ थे और वीडियो में सामान्य गति से स्कूटी चलाते दिख रहे थे लेकिन हेलमेट न पहनना सबसे बड़ी चूक साबित हुआ। चूंकि वे वर्दी में थे, इसलिए यह मामला और गंभीर हो गया।