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Balaghat News: बाघ से भिड़ा चरवाहा, डंडे बरसाकर जान बचाई, 200 मीटर लहूलुहान चलकर बेटे को दी सूचना

Thu, 10 Jul 2025 09:57 PM IST
बालाघाट ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाट

सार

बालाघाट जिले के कन्हड़गांव जंगल में बाघ ने चरवाहे बस्तीराम पर हमला किया। सिर और हाथ में गंभीर चोटें आईं, लेकिन उसने डंडे से पलटवार कर बाघ को भगा दिया। घायल अवस्था में 200 मीटर पैदल चलकर बेटे को सूचना दी। वन विभाग इलाज का पूरा खर्च उठाएगा। 
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घायल चरवाहा
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विस्तार
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बुधवार सुबह बालाघाट जिले के कंटगी वन परिक्षेत्र अंतर्गत कन्हड़गांव बीट में जंगल में मवेशी चरा रहे एक चरवाहे पर बाघ ने अचानक हमला कर दिया। हमले में युवक के सिर और हाथ में गहरे जख्म आए हैं, लेकिन जान पर बन आई तो युवक ने भी हिम्मत दिखाई और डंडे से बाघ पर पलटवार कर दिया। डंडे की मार से बाघ वहां से भाग गया। घायल युवक किसी तरह 200 मीटर तक जंगल से बाहर आया और फोन कर बेटे को सूचना दी। बेटे ने वन विभाग को सूचना दी। वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और युवक को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।

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घटना सुबह करीब 8 से 9 बजे के बीच की है। ग्राम कन्हड़गांव निवासी बस्तीराम रोज की तरह जंगल में मवेशी चराने गया था। इसी दौरान पीछे से बाघ ने उस पर हमला कर दिया। बाघ ने पहले सिर पर पंजा मारा, फिर हाथ पर। बस्तीराम नीचे गिर गया लेकिन उसने तुरंत डंडे से वार कर बाघ को भगाया।


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खून से लथपथ हालत में 200 मीटर चला
हमले के बाद गंभीर रूप से घायल बस्तीराम 200 मीटर तक लहूलुहान हालत में पैदल चला और फिर बेटे को फोन कर जानकारी दी। इसके बाद बेटे ने वन विभाग को सूचना दी। वन विभाग की टीम तुरंत पहुंची और बस्तीराम को कंटगी अस्पताल ले जाया गया। यहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल बालाघाट रेफर किया गया।

हालत स्थिर, इलाज का खर्च सरकार उठाएगी
कंटगी सामान्य परिक्षेत्र सहायक बाबूलाल चढ़ार ने बताया कि बस्तीराम की हालत अभी स्थिर है। वन विभाग ने तात्कालिक सहायता के तौर पर 5 हजार रुपए दिए हैं। साथ ही आगे के इलाज का पूरा खर्च भी विभाग द्वारा उठाया जाएगा।
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क्षेत्र में बाघ की सक्रियता, ग्रामीणों को जंगल न जाने की सलाह
वन विभाग ने उस क्षेत्र में बाघ की मूवमेंट होने की पुष्टि की है। कटंगी परिक्षेत्र अधिकारी बाबूलाल चड्डार ने बताया कि ग्रामीणों को फिलहाल जंगल में न जाने की सलाह दी गई है। साथ ही क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है। ट्रैप कैमरों की मदद से बाघ की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

घायल चरवाहे बस्तीराम ने बताया कि बस जान बचाने के लिए मैंने डंडा उठाया और पूरी ताकत से बाघ पर मारा, तब जाकर वह भागा। बहुत डरावना पल था।

घायल चरवाहा

 

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