Balaghat: पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी युवकों ने विवाह समारोह में लड़कियों को देखा था और वहां से उनका पीछा करना शुरू किया। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी फरार हो गए। पीड़ित पक्ष ने 24 अप्रैल की शाम को हट्टा थाने में शिकायत दर्ज कराई।
बालाघाट जिले के हट्टा थाना क्षेत्र में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली वारदात सामने आई है। एक विवाह समारोह से लौट रहीं तीन नाबालिग लड़कियों और एक युवती के साथ सात युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। सभी पीड़िताएं आदिवासी समुदाय की हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन घंटे के भीतर सभी सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल है।
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विवाह समारोह से लौटते समय हमला
घटना 23 अप्रैल की रात करीब दो बजे की है। चारों लड़कियां एक लड़के के साथ विवाह समारोह से अपने घर लौट रही थीं। तभी रास्ते में दो बाइकों पर सवार सात युवक पहुंचे और लड़कियों के साथ जा रहे लड़के को डरा-धमकाकर भगा दिया। इसके बाद आरोपियों ने लड़कियों को सुनसान इलाके में ले जाकर उनके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी युवकों ने विवाह समारोह में लड़कियों को देखा था और वहां से उनका पीछा करना शुरू किया। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी फरार हो गए। पीड़ित पक्ष ने 24 अप्रैल की शाम को हट्टा थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
शिकायत मिलते ही पुलिस अधीक्षक नगेंद्र सिंह खुद हट्टा थाना पहुंचे और विशेष टीम गठित कर आरोपियों की धरपकड़ शुरू की। तीन घंटे के भीतर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों लोकेश मात्रे (22 वर्ष), लालचंद खरे (28 वर्ष), अज्जु बगडते (21 वर्ष), अजेन्द्र बाहे, राजेन्द्र कावरे (20 वर्ष) मानिराम बाहे और एक नाबालिग है।
नक्सल क्षेत्र में घटी घटना, सख्त कार्रवाई की चेतावनी
यह घटना नक्सल प्रभावित क्षेत्र में घटी है, जहां पहले ग्रामीणों ने आपसी समझौते की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने साफ कर दिया कि इस तरह के गंभीर अपराध में कोई समझौता नहीं हो सकता। एसपी नगेंद्र सिंह ने कहा कि पुलिस तीन से चार महीनों के भीतर न्यायालय से आरोपियों को कठोर सजा दिलवाने का प्रयास करेगी।