नक्सलियों द्वारा लगाए गए बैनर-पोस्टर
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नक्सलियों ने बैनर और पोस्टर चस्पा कर किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए सरकार की नीतियों का विरोध किया है। नक्सलियों ने बैनर-पोस्टर के माध्यम से किसानों को श्रृंखलाबद्ध तरीके से आंदोलन करने तथा लोगों को उनका समर्थन करने को कहा है।
बालाघाट के रूपझर थानान्तर्गत ग्राम मुरूम के नक्सलियों के द्वारा बैनर-पोस्टर लगाते हुए पर्चे भी फेंके गए। महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ स्पेशल जोनल कमेटी माओवादियों के नाम का उल्लेख बैनर-पोस्टर व पर्चे में किया गया है। इसमें किसानों से अपील की है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होती, तब तक विभिन्न प्रकार का आंदोलन करते रहें। इसके अलावा नक्सलियों ने किसानों से बॉर्डर की तरफ कूच करने की अपील की है। शहर, गांव और कस्बे के लोगों से किसानों का समर्थन करने की अपील की है।
इसके अलावा यह भी कहा है कि देश के किसानों की जो मांगें हैं और किसान केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलनरत है। ऐसे में राज्य सरकार को समस्या का निपटारा करने का आदेश देना अनुचित है। लेकिन यही हमारी शीर्ष अदालत है और यही हमारी लचर न्याय व्यवस्था है। अब तक दर्जनों आंदोलनकारी किसान पुलिस की फायरिंग में मारे जा चुके हैं। निर्मम सरकार के रवैये से निराश होकर जान दे चुके हैं। प्रतिकूल मौसम में आंदोलन करते हुए अपनी जान गंवा चुके हैं। पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज, छोडे़ गए अश्रुगैस के गोले और फायरिंग में सैकड़ों किसान घायल हुए हैं। सरकार की किसान विरोधी नीतियों की वजह से बदहाल हुई कृषि के कारण देश में लगातार किसान आत्महत्या कर रहे हैं। कृषि को साम्राज्यवादी पूंजी के हवाले किया जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक नागेंद्र सिंह ने कहना है कि गत दिवस मिले बैनर-पोस्टर को जब्त कर लिया गया है। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिया है और हाकफोर्स द्वारा सर्चिंग ऑपरेशन प्रारंभ कर दिया गया है। इस संबंध में भी जांच जारी है कि बैनर-पोस्टर नक्सलियों ने लगाए हैं या किसी शरारती तत्वों की हरकत है। नक्सली बैनर-पोस्टर के माध्यम से अपनी उपस्थिति दिखाना चाहते हैं। उनकी गतिविधियों पर पुलिस व हाकफोर्स ने अंकुश लगा रखा है। उनकी सहायता करने वालों के संबंध में जानकारी एकत्र की जा रही है।