मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाली एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां एक 15 साल की मासूम छात्रा दरिंदगी और धोखे का शिकार हो गई। पुलिस की तफ्तीश में यह खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने दुष्कर्म के बाद छात्रा को सुनसान इलाके में बेसहारा छोड़ दिया था, जिसके बाद गहरे मानसिक तनाव और डर के कारण उसने अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश पैदा कर दिया है और पुलिस ने अब दुष्कर्म सहित आत्महत्या के लिए उकसाने की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है।
आधी रात को हुआ छात्रा का अपहरण
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस खौफनाक वारदात की शुरुआत 27 अप्रैल की रात करीब एक बजे हुई। मुख्य आरोपी अजीत बाहेश्वर (22) छात्रा के घर पहुंचा और उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। आरोपी अपने साथी लवकुश कोहरे की मोटरसाइकिल पर छात्रा को गांव से करीब एक किलोमीटर दूर सुनसान खेतों की ओर ले गया। इस साजिश के तहत रास्ते में उसका साथी लवकुश तो वापस लौट गया, लेकिन खेत में आरोपी अजीत ने छात्रा के साथ जबरन दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।
बेबसी और धोखे की पराकाष्ठा
वारदात के बाद बदहवास छात्रा ने आरोपी से घर छोड़ने की मिन्नतें की, जिस पर आरोपी ने अपने साथी को उसे वापस छोड़ने के लिए भेजा। मगर क्रूरता की हद तब पार हो गई जब उसका साथी भी छात्रा को आधे रास्ते में अकेला छोड़कर भाग निकला। डरी हुई छात्रा ने मदद की उम्मीद में मुख्य आरोपी को फोन भी लगाया, लेकिन उसने फोन काट दिया। इसी अकेलेपन और सदमे के बीच छात्रा किसी तरह अपने घर के करीब तक तो पहुंची, लेकिन मानसिक तनाव के चलते उसने आत्मघाती कदम उठा लिया और 28 अप्रैल की सुबह उसका शव घर से कुछ दूरी पर बरामद हुआ।
जांच में आए मोड़ और जनाक्रोश
शुरुआत में इस मामले की गुत्थी उलझी हुई थी और परिजन लगातार हत्या व दुष्कर्म की आशंका जता रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए 30 अप्रैल को समाज के लोगों ने पीड़ित परिवार के साथ मिलकर निष्पक्ष जांच के लिए ज्ञापन सौंपा और 1 मई को एक बड़ी बैठक कर आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग उठाई। इस बीच राजनीतिक दबाव भी बढ़ा और 2 मई को स्थानीय विधायक अनुभा मुंजारे ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। विधायक ने पुलिस प्रशासन को सख्त चेतावनी देते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया।
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तकनीकी साक्ष्यों से खुला राज
इस अंधे कत्ल और आत्महत्या की गुत्थी सुलझाने में सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल कॉल डिटेल्स की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही। पुलिस ने जब छात्रा की लोकेशन और आरोपियों के मोबाइल रिकॉर्ड खंगाले, तो पूरी सच्चाई परत-दर-परत सामने आ गई। फोन कॉल्स और लोकेशन के आधार पर यह स्पष्ट हो गया कि घटना के समय आरोपी वहां मौजूद थे। इन पुख्ता सबूतों के आधार पर ही पुलिस ने साधारण मौत के मामले को दुष्कर्म और आत्महत्या के लिए उकसाने के केस में तब्दील किया।
एक आरोपी गिरफ्त में, मुख्य अब भी फरार
वर्तमान में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी के साथी लवकुश कोहरे को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने छात्रा को रास्ते में छोड़ा था। हालांकि, मुख्य आरोपी अजीत बाहेश्वर अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है और उसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें लगातार अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर रही हैं। गांव में फिलहाल तनाव और मातम का माहौल है, जहां हर कोई इस मासूम के लिए न्याय की गुहार लगा रहा है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि वे हर पहलू की बारीकी से जांच कर रहे हैं और जल्द ही मुख्य आरोपी सलाखों के पीछे होगा।