छत गिरने से मलबे में दबने से मां बेटे की मौत, घटनास्थल की तस्वीर।
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अशोकनगर के कदवाया थाना क्षेत्र के ग्राम माधोपुर में सोमवार की रात कुदरत ने ऐसा कहर बरपाया कि एक हंसता-खेलता परिवार पलभर में उजड़ गया। रात में आई तेज बारिश से बचने के लिए घर के अंदर सोने गए मां-बेटे पर जर्जर छत मौत बनकर टूट पड़ी। मलबे में दबने से ममता लोधी (34) और उनके बेटे नंद कुमार(8) की मौके पर ही सांसें थम गईं।
परिजनों के मुताबिक, सोमवार रात करीब 10 बजे तक ममता अपने बेटे नंद कुमार के साथ घर के बाहर चारपाई पर सो रही थीं। मौसम ने अचानक करवट ली और तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए दोनों कमरे के अंदर जाकर सो गए। उन्हें क्या पता था कि जिस छत के नीचे वे सुकून तलाश रहे हैं, वही कुछ देर बाद उनकी काल बन जाएगी।
मां-बेटे की अर्थी उठते देख पूरे गांव की आंखें नम हो गईं
मृतका के पति महेंद्र लोधी कदवाया में बड़े भाई के साथ भोजनालय चलाते हैं। बड़ा बेटा बलराम भी उनके साथ दुकान पर था। रात करीब 11 बजे जब महेंद्र घर लौटे तो मकान की टूटी छत देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। अनहोनी की आशंका में उन्होंने शोर मचाकर भाई और गांव वालों को बुलाया। ग्रामीणों ने तुरंत मलबा हटाना शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद ममता और नंद कुमार मलबे में दबे मिले। दोनों को आनन-फानन में ईसागढ़ अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। एक साथ मां-बेटे की अर्थी उठते देख पूरे गांव की आंखें नम हो गईं।
जांच में यह बात आई सामने
हादसा इतना अचानक हुआ कि आसपास के घरों में किसी को छत गिरने की आवाज तक सुनाई नहीं दी। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते पता चल जाता और राहत कार्य शुरू हो जाता, तो शायद दोनों की जान बच सकती थी। रात के सन्नाटे में हुई इस घटना ने सभी को झकझोर दिया। कदवाया थाना प्रभारी मनीष जादौन मौके पर पहुंचे और शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मकान की छत काफी पुरानी और जर्जर थी। ऊपर रखा मलबा बारिश का पानी सोखकर भारी हो गया, जिससे पूरी छत भरभराकर गिर पड़ी। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
छत गिरने से मलबे में दबने से मां बेटे की मौत