उज्जैन में 394 लोगों को रेस्क्यू टीम ने बचाया
उज्जैन नगर में क्षिप्रा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ा हुआ है। इसके साथ ही क्षेत्र के अन्य नदी-नाले भी उफान पर हैं। निचले क्षेत्रों में पानी भर जाने से बचाव टीमें लगातार रेस्क्यू कर लोगों को बचाने में लगी हुई हैं। अब तक की जानकारी में रेस्क्यू टीम ने नागदा में 150, तहसील खाचरौद में सात, तहसील कोठीमहल में 110, तहसील महिदपुर में 124, तहसील झारडा में तीन, तहसील बड़नगर में 150 लोगों को वर्षा के पानी के भराव के कारण रेस्क्यू कर अन्य सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया है।
जिला प्रशासन उज्जैन द्वारा शिविरों में भोजन पैकेट्स की व्यवस्था ऐतिहातन भी करवाई जा रही है। कलेक्टर कुमार पुरषोत्तम द्वारा निरंतर स्थिति पर नजर रखी जा रही है तथा उनके मार्गदर्शन में राजस्व अधिकारी, पुलिस एवं होमगार्ड्स, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम/नगर पालिका की टीम लगातार मुस्तैदी से अपने कर्तव्य स्थल पर तैनात रहकर कार्य कर रही है। जिले की वर्तमान स्थिति नियंत्रण में है।
बाढ़ के कारण बड़नगर में एसडीआरएफ का बड़ा रेस्क्यू
उज्जैन जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण हालात बेकाबू होते जा रहे हैं एक और मां शिप्रा उफान पर है तो दूसरी और एसडीआरएफ की टीम लगातार बारिश में फंसे लोगों को बचाने में जुटी हुई है। लेकिन इस दौरान बड़नगर के ग्राम सेमलिया से एक बड़ी खबर आ रही है, जिसमें बताया जा रहा है कि यहां फसी गर्भवती महिला और दो अन्य लोगों को निकालने के लिए उज्जैन कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने हेलीकॉप्टर मंगवाए हैं, जिनके माध्यम से इन लोगों को बाहर निकाला जाएगा।
बताया जाता है कि लगातार हो रही बारिश के कारण बड़नगर के समीप स्थित चंबल और चामला नदी के किनारे के गांव डूब क्षेत्र में आ गए हैं। जहां शनिवार रात से ही एसडीआरएफ की टीम ग्रामीणों को बचाने मे लगी हुई थी। बताया जाता है कि चंबल और चामला नदी के किनारे ग्राम लखेसरा, दौलतपुर, मतवाडिया, दंगवाड़ा, कजलाना, सेमलिया, चामलेश्वर और भी कई ऐसे गांव हैं, जोकि बाढ़ के पानी से डूबे हुए है। एसडीआरएफ की टीम ने बाढ़ में फंसे अधिक से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है, लेकिन ग्राम सेमलिया का एक मकान ऐसा है, जहां पर एक गर्भवती महिला और दो अन्य लोग इस बाढ़ के पानी में फस चुके हैं।
बताया जाता है कि शनिवार को पूरी रात इन लोगों ने मकान की छत पर बिताई एसडीआरएफ की टीम ने इन्हें बचाने के लिए कई प्रयास भी किए। लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि नाव के माध्यम से इन्हें बचाना और वहां तक पहुंचना संभव नहीं था, जिसके कारण कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने इन लोगों को बचाने के लिए हेलीकॉप्टर मंगवाए हैं, जो कि इन्हें बचाएंगे।
उज्जैन में बाढ़ का कहर
उज्जैन में बड़नगर के गांव सेमलिया में फंसे ग्रामीणों का हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू किया जाएगा। पूरी रात से बाढ़ में फंसे हैं ग्रामीण। जलभराव के कारण सेमलिया गांव टापू बन गया है। कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने हेलीकॉप्टर मंगवा लिया है। जिले भर में लगातार रुक-रुक कर बारिश हो रही है।
राजधानी में खिली धूप, बड़ा तालाब बस दो फीट खाली
बीते कुछ दिनों से राजधानी भोपाल में हल्की बारिश का दौर जारी था, जिससे लोगों का कामकाज प्रभावित हो गया था। लेकिन रविवार की सुबह राजधानीवासियों के लिए सुकून भरी रही। राजधानी में सुबह मौसम साफ रहा और धूप भी खिली। सूरज के दर्शन पाकर लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि, धूप स्थाई नहीं रही। बादलों में लुका छिपी के साथ इसका आना जाना लगा रहा। दूसरी ओर हवा भी तेज गति से चलती रही।
शहर के जल स्रोत बड़ा तालाब, केरवा, कलियासोत और कोलार सहित अन्य डैम भी छलकने को तैयार हैं। ये अपने फुल टैंक लेवल के नजदीक पहुंच गए हैं। इधर, मौसम वैज्ञानिकों ने आज भी भोपाल में येलो अलर्ट किया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि राजधानी भोपाल में दिन में हल्की बारिश हो सकती है।
लगातार भारी बारिश के कारण रतलाम मंडल के रतलाम गोधरा खंड में अमरगढ़-पंचपिपलिया स्टेशनों के मध्य किलोमीटर 597/25-35 पर ट्रैक पैरामीटर में लगातार बदलाव के कारण अप ट्रैक को सस्पेंड किया गया है, जिसके कारण कई ट्रेने प्रभावित हुई हैं।
डायवर्टेड ट्रेन
इंदौर में एक दिन में 12 इंच बारिश के बाद भी इंद्र देवता थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। शुक्रवार दोपहर से शनिवार रात तक चले भीषण बारिश के दौर ने देर रात कुछ देर के लिए राहत जरूर दी, लेकिन अल सुबह फिर से पानी बरसना शुरू हो गया। घरों-दुकानों में घुसा पानी निकाल रहे लोगों के लिए इससे एक बार फिर से आफत बढ़ गई। सुबह से शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसरा है और लोग अपने घरों में दुबके हुए हैं।
तीन जिलों ने 24 घंटे में बारिश के मामले में तोड़ा अपना ही रिकॉर्ड
बारिश का कोटा पूरा
अगस्त महीने के सूखे को सितंबर ने पूरा कर दिया है। अब मध्य प्रदेश की आसमान से खतरे के बदले टालने लगे हैं। प्रदेश को औसत बारिश के लिए थोड़ी बहुत बारिश की आवश्यकता है। शनिवार सुबह की स्थिति में प्रदेश में सामान्य से 4 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है। वैज्ञानिकों ने अनुमान जताया है कि रविवार सुबह तक यह कोटा भी पूरा हो जाएगा।
टल गया अनावरण कार्यक्रम
भारी बारिश की आशंका को देखते हुए खंडवा जिले के ओंकारेश्वर में स्थापित हो रही आदि शंकराचार्य की प्रतिमा का अनावरण टल गया है। रविवार को होने वाला अनावरण अब 21 सितंबर को होगा।
यहां येलो अलर्ट
रायसेन, भोपाल, राजगढ़, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर कला, सिंगरौली, सीधी, रीवा, सतना, शहडोल, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, विदिशा, निवाड़ी, टीकमगढ़, सागर, पन्ना और ग्वालियर जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन स्थानों में 50 मिलीमीटर से 115.5 मिलीमीटर तक बारिश हो सकती है। कुल मिलाकर देखा जाए तो पूरे प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहेगा।
यह लोग सावधानी बरतें
विशेषज्ञों ने नागरिकों को अपील किया है कि जहां अप्रत्याशित बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है, वहां लोग घर पर ही रहें। खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें। संभव हो तो कहीं पर भी यात्रा न करें। निचले क्षेत्रों से दूर रहें और आवश्यक दवा को अपने घर में लाकर रख लें ताकि आपात स्थिति में उनका उपयोग किया जा सके। कच्चे मकान से दूर रहें। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग न करें। फोन व आवश्यक उपकरण चार्ज कर लें।
बारिश की गति होगी कम
मौसम विभाग ने संभावना जताई है कि 17 सितंबर के बाद मध्य और पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कमी आ सकती है।
कहां कितनी बारिश
शनिवार की स्थिति में 24 घंटे के दौरान पचमढ़ी में जबरदस्त बारिश हुई। यहां 241.2, मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। बैतूल में 197.2, नर्मदापुरम में 177.6, इंदौर में 171, धार में 137 एमएम पानी गिरा। शनिवार सुबह 8:30 बजे से शाम के 5:30 बजे तक धार में 181 मिलीमीटर, खंडवा में 122, रतलाम में 96, खरगोन में 82, इंदौर में 67.8, उज्जैन में 34, नर्मदापुरम में 13, पचमढ़ी में 9, ग्वालियर में 4.9, भोपाल शहर में 4.4, सीधी में 3, रायसेन में 3, भोपाल में 2.6, बैतूल में 2, गुना में 2, मलाजखंड में 0.6, छिंदवाड़ा में 0.4 एमएम बारिश रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा सागर में भी पानी गिरा है।
बेकाबू हुए हालात
शनिवार को प्रदेश के कई जिलों में बारिश के कारण हालात बेकाबू हो गए। धार और उज्जैन में बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए। इंदौर की निचली बस्तियों में नाव चलाकर लोगों को सुरक्षित निकाला गया। बड़वानी में भी हालत ठीक नहीं हैं । नागदा में रेलवे ट्रैक पर पानी भरने और रतलाम में ट्रैक पर पत्थर आ जाने से दिल्ली मुंबई रेलवे मार्ग प्रभावित रहा। लगातार हो रही बारिश के कारण बरगी, ओंकारेश्वर, यशवंत सागर, इंदिरा सागर, तवा, सतपुड़ा, मचागोरा, पारसडोह, गंभीर, शिप्रा सहित कई बांधों के गेट खोल दिए गए हैं। नर्मदा नदी पर बनाए गए सभी बांध फुल हो चुके हैं।इस कारण शनिवार को खंडवा में ओंकारेश्वर बांध के सभी देश के 30 गेट खोल दिए गए। शाजापुर, रायसेन, विदिशा, अशोकनगर, हरदा, बुरहानपुर, मंदसौर में भी बारिश ने हालात बेकाबू कर दिए हैं।
रेड अलर्ट : इन जिलों में मंडराया खतरा
खरगोन, अलीराजपुर, झाबुआ, मंदसौर, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, बड़वानी, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन और देवास जिलों में कहीं-कहीं अप्रत्याशित बारिश होने का खतरा है। इन स्थानों में कुछ जगहों पर 204.5 मिलीमीटर से भी अधिक बारिश हो सकती है। इससे कहीं-कहीं अचानक बढ़ भी आ सकती है। और वज्रपात की घटनाएं हो सकती हैं। इन सभी जिलों में अप्रत्याशित बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है।
इन जिलों में अति भारी बारिश की चेतावनी
नीमच, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, शाजापुर और अगर जिलों में कहीं-कहीं अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन स्थानों में 115.6 से 204.4 मिलीमीटर तक बारिश हो सकती है।