संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में अशोकनगर के चितवन जैन ने देशभर में 17वीं रैंक हासिल कर भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए चयन प्राप्त किया। तीसरे प्रयास में मिली इस सफलता का श्रेय उन्होंने परिवार के सहयोग और निरंतर, संतुलित अध्ययन को दिया। उनकी उपलब्धि से जिले में खुशी का माहौल है।
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 का परिणाम घोषित कर दिया है। इस प्रतिष्ठित परीक्षा में मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले के 23 वर्षीय चितवन जैन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देशभर में 17वीं रैंक हासिल की है। इस उपलब्धि के साथ ही उनका चयन भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के लिए हो गया है। चितवन की इस सफलता से परिवार के साथ-साथ पूरे जिले में खुशी का माहौल है और लोग उन्हें बधाइयां दे रहे हैं।
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परिणाम घोषित होने के बाद चितवन जैन ने सबसे पहले अपने परिवार को फोन कर यह खुशखबरी दी। जैसे ही घरवालों को उनकी सफलता की जानकारी मिली, परिवार में जश्न का माहौल बन गया। परिजनों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर की और चितवन की मेहनत और लगन की सराहना की।
निरंतर और संतुलित अध्ययन ही सफलता की कुंजी
चितवन जैन ने बताया कि यह उनका तीसरा प्रयास था और इसी प्रयास में उन्हें बड़ी सफलता मिली। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी तैयारी के दौरान खुद पर अनावश्यक दबाव नहीं डाला और शांत दिमाग से पढ़ाई की। उनका मानना है कि निरंतर और संतुलित अध्ययन ही सफलता की कुंजी है। वे रोजाना जरूरत के अनुसार पढ़ाई करते थे और विषयों को समझने पर अधिक ध्यान देते थे। अपनी सफलता का श्रेय चितवन ने अपने परिवार को दिया। उन्होंने कहा कि परिवार का सहयोग और विश्वास उनकी सबसे बड़ी ताकत रहा। कठिन समय में परिवार ने हमेशा उनका मनोबल बढ़ाया, जिससे उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती रही।
बचपन से ही कलेक्टर बनने का सपना था
चितवन जैन अशोकनगर शहर की सोनी कॉलोनी के निवासी हैं। उनके पिता मनीष जैन स्थानीय व्यापारी हैं और परिवार संयुक्त रूप से रहता है। परिवार के सभी सदस्यों ने चितवन की इस उपलब्धि पर गर्व जताया है। उनके पिता मनीष जैन ने बताया कि चितवन का बचपन से ही कलेक्टर बनने का सपना था और उसी लक्ष्य को लेकर वह लगातार मेहनत करता रहा। चितवन की प्रारंभिक शिक्षा अशोकनगर के एक निजी स्कूल से हुई, जहां उन्होंने दसवीं तक पढ़ाई पूरी की। इसके बाद वे आगे की पढ़ाई के लिए भोपाल गए, जहां उन्होंने दो वर्षों तक रहकर 12वीं की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली से बीकॉम में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। स्नातक के बाद उन्होंने पूरी तरह से यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी।
परिजनों के अनुसार चितवन ने अपना पहला प्रयास बिना किसी विशेष तैयारी के दिया था, ताकि वह परीक्षा के स्वरूप को समझ सकें। इसके बाद उन्होंने दो वर्षों तक लगातार गंभीरता से तैयारी की। इस दौरान उन्होंने एक साल दिल्ली में रहकर ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से पढ़ाई की और एक साल कोचिंग संस्थान में अध्ययन किया।