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सुन लो सरकार: आजादी से अब तक बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे यहां के आदिवासी, वार्ड के हालात बद से बदतर

Tue, 16 Jan 2024 04:48 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अनूपपुर

सार

मध्यप्रदेश में अनूपपुर जिले के बिजुरी नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक सात में शामिल बरघाट में आज भी आदिवासी परिवार मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। बूंद-बूंद पानी के लिए वार्ड वासियों को दो किलोमीटर दूर जाने की मजबूरी बनी हुई है।
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बिजुरी नगर पालिका के वार्डवासी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दमोह में बिजुरी नगर पालिका के वार्ड क्रमांक सात बरघाट कुडाकु मोहल्ले में आजादी के 75 साल बीत जाने के बाद भी यहां रह रहे लोग लगभग 150 वार्डवासी मूलभूत सुविधाओं जैसे सड़क, पानी, बिजली जैसी अन्य सभी सुविधाओं से वंचित हैं। सड़क न होने के कारण छोटे-छोटे बच्चों को स्कूल जाने में समस्या का सामना करना पड़ता है।

इसके साथ ही सड़क न होने की वजह से वार्ड में आपातकालीन वाहन भी नहीं पहुंच पाते हैं, जिसके कारण पुलिस और एंबुलेंस जैसी सुविधा भी यहां तक नहीं पहुंच पाती है। पानी के लिए यहां पर आज तक हैंडपंप का उत्खनन भी नहीं हो पाया है, जिसके कारण दो किलोमीटर दूर स्थित कुएं से वार्ड वासियों को पानी लाना पड़ता है।

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आदिवासी परिवारों के लिए अब तक नगर पालिका नहीं उठा पाई कोई कदम
बिजुरी नगर पालिका जो कि जिले की सबसे धनी नगर पालिका है। जहां विकास के लिए पर्याप्त राशि नगर पालिका के पास है। इसके बावजूद यह वार्ड जो कि गांव से भी खराब स्थिति में है। जहां आज तक सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधा नगर पालिका वार्ड वासियों के लिए उपलब्ध नहीं कर पाई। बरघाट में कोरकु जनजाति के लोग बहुतायत में निवासरत हैं। जो की मजदूरी करके अपना गुजारा करते हैं, जिन्हें आज भी अंधेरे में रहने की मजबूरी बनी है। आज तक यहां विद्युत व्यवस्था भी नहीं बन पाई है।

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