फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Anuppur News: जिला चिकित्सालय में उपचार के दौरान मरीज की मौत, परिजनों का हंगामा, लगाया लापरवाही का आरोप

Sun, 17 Aug 2025 08:18 PM IST
अनूपपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अनूपपुर

सार

परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। उनका कहना है कि मरीज की हालत बिगड़ने पर भी अस्थायी वार्ड में ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं थी और स्टाफ नर्स ने तत्काल उपचार के बजाय ओपीडी पर्ची बनवाने को कहा, जिससे देरी हुई और मरीज की मौत हो गई।
विज्ञापन
जिला चिकित्सालय में हंगामा करते परिजन। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जिला चिकित्सालय में उपचार के दौरान रविवार को 85 वर्षीय वृद्ध की मौत हो गई। इसके बाद मृतक के परिजनों ने चिकित्सालय प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। दोषी जनों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग करने लगे। मामले की सूचना मिलते ही सिविल सर्जन डॉक्टर एस आर परस्ते भी मौके पर आ पहुंचे। विवाद बढ़ता देखकर जिला चिकित्सालय पुलिस चौकी ने इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दी। मौके पर कोतवाली पुलिस ने पहुंचकर परिजनों को शांत कराया। 
विज्ञापन


जिला मुख्यालय के वार्ड क्रमांक 10 पुरानी बस्ती निवासी कमला प्रसाद राठौर उम्र 85 वर्ष को 8 दिन पहले बुखार आने पर परिजनों ने जिला चिकित्सालय में दाखिल कराया था। वार्ड में जगह न होने पर टीन शेड के बनाए गए अस्थायी वार्ड में उन्हें शिफ्ट किया गया था। मृतक के परिजन विजय सिंह ने बताया कि रविवार को मृतक की हालत बिगड़ने लगी और सांस लेने में तकलीफ होने पर इस वार्ड में ऑक्सीजन सपोर्ट की कोई व्यवस्था नहीं होने पर वह सिस्टर ड्यूटी रूम में गए, लेकिन वहां पर स्टाफ नर्स ने उन्हें पर्ची बनवाने के लिए कहा। वह पर्ची बनवाने के लिए गए, जहां लाइन में लगने और पर्ची बनवाने में विलंब हो जाने पर मरीज की मौत हो गई।

विज्ञापन


इसके बाद परिजन आक्रोशित हो गए और इस मामले को लेकर के संबंधित स्टाफ नर्स जिसने उपचार करने की बजाय ओपीडी पर्ची बनवाने के लिए भेजा उस पर कार्रवाई की मांग करने लगे। मृतक के परिजनों ने बताया कि जिला चिकित्सालय के शौचालय में गंदगी होने के कारण मरीज यहां शौच करने से मना किए। इसके बाद घर नजदीक होने के कारण वह उन्हें शौच के लिए घर लेकर के गए थे और वहां से आने तक स्टाफ नर्स ने मरीज को डिस्चार्ज मानकर फाइल रख दी। घर से लौटने के कुछ घंटे मरीज को सांस लेने में तकलीफ होने लगी। इसके बाद स्टाफ नर्स से मरीज को देखने के लिए कहने पर उसने ओपीडी पर्ची बनाने की मांग की। इस दौरान टीन शेड वार्ड में ऑक्सीजन सपोर्ट नहीं मिलने से उनकी मौत हो जाने के आरोप परिजनों ने लगाए।
विज्ञापन


एक घंटे तक चलता रहा हंगामा
मरीज की मौत हो जाने पर परिजन शव ले जाने के लिए गेट पर पहुंचे, लेकिन शव वाहन मिलने में 15 मिनट तक गेट पर ही शव रखकर इंतजार परिजनों को करना पड़ा। इस दौरान मरीज की मौत की खबर मिलने पर अन्य परिजन और रिश्तेदार भी मौके पर आ गए। ज्यादा संख्या में परिजनों के पहुंच जाने के बाद हंगामा और बढ़ता गया। एक घंटे तक जिला चिकित्सालय में गहमागहमी की स्थिति बनी रही।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें