अनूपपुर जिले में कोतमा नगर के वार्ड क्रमांक नौ में रहने वाले स्टांप वेंडर सतीश गुप्ता के तहसील परिसर में स्थित दुकान में सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात को अज्ञात बदमाशों द्वारा दुकान में आग लगा दी गई। सुबह घटना की जानकारी के बाद तहसील परिसर में भारी भीड़ एकत्र होने के साथ आक्रोशित दिखे। व्यापारियों एवं अन्य लोगों के द्वारा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर थाने में जमा हो गए।
घटना के बाद अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष, एडवोकेट एवं तहसील परिसर में दुकान लगाने वाले व्यापारियों द्वारा थाने पहुंचकर मामले में संदिग्ध के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। पुलिस द्वारा घटना स्थल का निरीक्षण करते हुए साक्ष्य एवं संदिग्ध की तालाश में जुट गई है। दुकान में आग लगने से लगभग दो लाख रुपये से ज्यादा के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जलकर राख हो गए।
फरियादी सतीश गुप्ता पिता कोमल गुप्ता द्वारा थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि वह स्टांप वेंडर का कार्य करता है तथा तहसील परिसर में फोटो कॉपी, कंप्यूटर टाइपिंग का व्यवसाय करता है। दो-तीन दिनों पूर्व से दुकान लगाए जाने को लेकर कुछ विवाद चल रहा था। एक जुलाई की दरमियानी रात को अज्ञात बदमाश द्वारा दुकान को जला दिया गया है। आग लगने से फोटो कॉपी मशीन, प्रिंटर, कलर प्रिंटर, एचपी लैपटॉप, पंखा इनवर्टर सहित टेबल, कुर्सी जलकर राख हो गई।
लगातार हाथियों को भगाने का प्रयास कर रहा पश्चिम बंगाल से आया हुआ दल
विगत 17 दिन से छत्तीसगढ़ राज्य से आए दो प्रवासी नर हाथियों का समूह तीन दिनों से निरंतर पश्चिम बंगाल के दल द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयास के बाद भी वापस जाने को तैयार नहीं है। दोनों हाथी भगाए जाने के निरंतर किए जा रहे प्रयास के बाद तेजी से भाग कर गोबरी एवं अन्य जंगलों में बड़े पैमाने पर लगे लेन्टाना की झाड़ियों में अलग-अलग होकर छुप जाते हैं। सोमवार की दोपहर से लेकर देर रात तक हाथियों को सीमा क्षेत्र से वापस किए जाने का निरंतर प्रयास किया गया। लेकिन दोनों हाथी देर रात अलग-अलग होकर अपने पूर्व रहने के स्थल के समीप आकर विचरण करते रहे।
इस बीच एक हाथी वन परिक्षेत्र एवं थाना अनूपपुर के दुधमनिया बीट अंतर्गत ग्राम पंचायत पगना के वार्ड नंबर 9 बरटोला में एक ग्रामीण के घर रात दो बजे के लगभग अचानक धाबा बोलकर घर में तोड़फोड़ करते हुए अंदर रखे अनाज को अपना आहार बनाया। इस बीच अचानक हाथी के प्रवेश करने की आहट पाकर ग्रामीण का परिवार भाग कर दूर चले जाने से बाल-बाल बच सका। हाथियों को जिले से बाहर किए जाने के प्रयास पर मुख्य वन संरक्षक एलएल उईके, वन मंडलाधिकारी अनूपपुर श्रद्धा पेन्द्रे के साथ जैतहरी, अनूपपुर एवं जिले के अन्य रेंज के वन अधिकारी कर्मचारी, सुरक्षा श्रमिक, ग्रामीण विगत दो दिनों से गोबरी, ठेंगरहा, पंगना, बेलियाकछरा आदि क्षेत्र में जो दोनों प्रवासी हाथियों का विचरण क्षेत्र है, में डेरा जमाए हुए हैं।