जिले में गर्मियों का मौसम प्रारंभ होते ही ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल का संकट गहराने लगा है। इसके कारण गर्मी के इस मौसम में लोगों को पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में नल जल योजना तो संचालित है, लेकिन पेयजल स्रोत नीचे खिसकने की वजह से लोगों को इससे पानी नहीं मिल पा रहा है और वह परेशान हो रहे हैं। इस मुसीबत में लोगों को दो से तीन किलोमीटर दूर स्थित हैंडपंप से पानी लाना पड़ रहा है।
268 नल जल योजनाओं में 12 वर्तमान में बंद
अनूपपुर जिले में वर्तमान समय में 268 नल जल योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें से 9 नल जल योजनाएं पेयजल स्रोत के नीचे खिसकने से एवं तीन नल जल योजनाएं विद्युत व्यवस्था की कमी से बंद पड़ी हुई हैं। प्रतिदिन इन नल जल योजनाओं के संचालन में गड़बड़ी के कारण यहां रह रहे लोगों को पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ता है। 12 नल जल योजनाओं में लगभग 20 हजार की आबादी को पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
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विभाग बता रहा चालू लेकिन वास्तव में नहीं मिल रहा है पानी
कई ऐसी नल जल योजनाएं हैं जो कि विभाग के रिकॉर्ड में तो चालू हालत में हैं, लेकिन वहां पेयजल की समस्या बनी हुई है।जिसमें जनपद पंचायत अनूपपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत लामाटोला के मुढधोबा टोला, गोहन्द्रा, फुनगा के साथ ही अन्य कई ग्राम पंचायत शामिल हैं। फुनगा में नेशनल हाईवे से लगे हुए वार्ड में नल जल के माध्यम से पानी नहीं मिल पा रहा है, जिसके कारण पंचायत को प्रदत्त किए गए फायरफाइटर से यहां पेयजल की सप्लाई टैंकर के माध्यम से की जा रही है।
181 हैंडपंप पड़े बंद, सूख गए स्रोत
वर्तमान समय में अनूपपुर जिले में कुल 9910 हैंडपंप का उत्खनन कर पेयजल व्यवस्था बनाने का कार्य किया गया है, जिनमें से वर्तमान समय में 9729 हैंडपंप चालू हालत में हैं तो वही 181 हैंडपंप बंद हालत में हैं। इसके बारे में लोग स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जो हैंडपंप बंद पड़े हुए हैं, उनमें पेयजल स्रोत सूखने की समस्या प्राप्त हुई है।
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1760 हैंड पंप में लगाए गए राइजर पाइप
गर्मी के मौसम में लगातार जिले भर में भूजल स्तर गिरता जा रहा है, जिसके कारण नल जल योजना एवं हैंड पंप सूख रहे हैं। वर्तमान में 1760 हैंड पंप में राइजर पाइप बढ़ाया गया है, जिससे कि जो हैंडपंप सूख गए हैं उन्हें फिर से प्रारंभ किया जा सके। इसके साथ ही गर्मी के मौसम में पेयजल की व्यवस्था को बनाने के लिए ग्रामीण क्षेत्र में 10 मेंटेनेंस सुधार के लिए संचालित किए गए वाहन संचालित किया जा रहे हैं।
गर्मी का मौसम प्रारंभ होते ही सभी क्षेत्र में पेयजल के व्यवस्था बनाए जा रहे हैं। कॉल सेंटर में प्राप्त शिकायतों के आधार पर समस्या आने पर निराकरण किया जा रहा है। कुछ क्षेत्र में वाटर लेवल नीचे गिर जाने से पेयजल स्रोत सूख गए हैं वहां राइजर पाइप लगाकर पानी की उपलब्धता बनाई जा रही है। जो बिगड़े हुए हैंडपंप हैं उन्हें निरंतर सुधारा जा रहा है।
-दीपक साहू, एसडीओ, पीएचई