जिला एवं सत्र न्यायालय अनूपपुर
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अनूपपुर जिले में धोखाधड़ी और शासकीय राशि के गबन के मामले में सुनवाई करते हुए प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश पंकज जायसवाल की अदालत ने कड़ी सजा सुनाई है। न्यायालय ने जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित अनूपपुर के तत्कालीन प्रभारी शाखा प्रबंधक राजेन्द्र प्रसाद तिवारी और उनके पुत्र अनिल कुमार तिवारी को दोषी ठहराते हुए 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास और 50-50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। दोनों ने मिलकर 35 लाख 55 हजार 391 रुपये का गबन किया था। वहीं, दो अन्य आरोपी सुनील तिवारी और सतेंद्र परौहा को दोषमुक्त कर दिया गया।
जिला लोक अभियोजक पुष्पेन्द्र कुमार मिश्रा ने बताया कि यह मामला 2015 का है, जब जिला सहकारी बैंक अनूपपुर ने थाना अनूपपुर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि राजेन्द्र प्रसाद तिवारी, जो 18 जनवरी 2012 से 20 फरवरी 2014 तक प्रभारी शाखा प्रबंधक के पद पर थे, ने अपने पुत्र अनिल तिवारी की सहायता से अनियमितताएं कर 35 लाख से अधिक की राशि का गबन किया। अनिल तिवारी, जो संविदा कम्प्यूटर ऑपरेटर था, ने अपने पिता की आईडी का उपयोग कर इस राशि को अपने खाते में स्थानांतरित कर लिया।
बैंक द्वारा मामले की संयुक्त जांच दल से जांच कराई गई, जिसमें गबन का खुलासा हुआ। कोतवाली अनूपपुर ने मामले में अपराध पंजीबद्ध कर जांच पूरी की और अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। न्यायालय ने आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई, जबकि अभियोजन की ओर से पैरवी जिला लोक अभियोजक पुष्पेन्द्र कुमार मिश्रा ने की।