द्वारिका पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने पर्यावरणविद प्रो. जी. डी. अग्रवाल उर्फ स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद की मौत को एक साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि इस मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। स्वरूपानंद ने कहा कि प्रशासन स्वामी सानंद को अनशन स्थल से उठाकर ले गया था तो उनकी जान बचाना भी उसकी जिम्मेदारी थी। सरकार गंगा की सफाई करने की बजाय गंदे नालों पर पर्दे डाल रही है।
जी. डी. अग्रवाल की मौत, बांध बनाने वाले ठेकेदारों और प्रशासन की कोई साजिश भी हो सकती है। इसलिए इसकी जांच होना चाहिए। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों श्री अग्रवाल का निधन हो गया था। वह जीवनदायी गंगा को बचाने के लिए हरिद्वार में लंबे समय से अनशन पर थे। एक सवाल के जवाब में स्वरूपानंद ने कहा कि आरएसएस हिंदुओं को गुमराह करने का काम करता है।
संघ प्रमुख भागवत द्वारा विवाह को एक कॉन्ट्रैक्ट बताना यह साबित करता है कि आरएसएस के कैसे विचार हैं। जो लोग मुझे कांग्रेसी कहते हैं, उन्हें मालूम होना चाहिए कि रामसेतु को तोड़ने का सबसे पहले विरोध मैंने ही किया था। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव एक ऐसा हवाई जहाज है जो हर पांच साल बाद ईंधन लेने के लिए जमीन पर उतरता है।