आगर मालवा जिले के सुसनेर नगर में एक बुजुर्ग महिला को कथित रूप से दो माह तक घर के कमरे में बंद रखने का मामला सामने आया है। वार्ड क्रमांक पांच में हुई इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। स्थानीय लोगों की सूचना पर नगर परिषद अध्यक्ष प्रदीप सोनी, पार्षद प्रतिनिधि पवन शर्मा और डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंचे तथा ताला तोड़कर महिला को बाहर निकाला।
जानकारी के अनुसार, मोहल्ले के लोगों ने जनप्रतिनिधियों को शिकायत की थी कि एक बुजुर्ग महिला को उनके ही बेटे और बहू ने लोहे की जाली वाले कमरे में बंद कर रखा है। सूचना मिलते ही जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे तो बड़ी संख्या में रहवासी भी वहां एकत्र हो गए। कमरे के भीतर बैठी महिला ने बाहर निकलने की इच्छा जताई।
मौके पर महिला के तीनों बेटों को बुलाया गया। जब कमरे की चाबी मांगी गई तो किसी ने भी अपने पास चाबी होने की बात स्वीकार नहीं की। इसके बाद डायल-112 पुलिस को बुलाया गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ताला तोड़ा और महिला को सुरक्षित बाहर निकाला।
फिलहाल मामला आपसी सहमति से सुलझा लिया गया
इसके बाद पुलिस सभी संबंधित लोगों को सुसनेर थाने लेकर पहुंची, जहां पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में परिवार के बीच चर्चा हुई। बुजुर्ग महिला की सहमति के बाद उन्हें उनके सबसे छोटे बेटे के सुपुर्द कर दिया गया। फिलहाल मामला आपसी सहमति से सुलझा लिया गया है।
घटना के बाद क्षेत्र में बुजुर्गों की सुरक्षा और उनके साथ होने वाले व्यवहार को लेकर चर्चा तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि माता-पिता, जिन्होंने पूरी जिंदगी अपने बच्चों के पालन-पोषण में बिताई, उनके साथ इस तरह का व्यवहार समाज के लिए चिंता का विषय है।
ये भी पढ़ें- MP: दस वर्षीय किशोर की तलाश कर रहे थे परिजन, अगले दिन बाथरूम में मिला रक्तरंजित शव; गुटखा पाउच बना वजह
थाना प्रभारी का कहना है कि सुसनेर थाना प्रभारी अक्षयसिंह बेस ने बताया कि डायल-112 पर सूचना मिली थी कि एक बुजुर्ग महिला को कमरे में बंद कर बाहर से ताला लगाया गया है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, महिला को सुरक्षित बाहर निकाला और मामले की जांच शुरू की। बाद में महिला की सहमति से उन्हें उनके छोटे बेटे के साथ भेज दिया है।
बुजुर्ग मां को कमरे में रखा कैद।
बुजुर्ग मां को कमरे में रखा कैद।