आगर मालवा जिले के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। लोकायुक्त उज्जैन की टीम ने गुरुवार को जिला आपूर्ति अधिकारी कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 एवं प्रभारी लेखपाल मनीष कुमार पंडया को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी पर एक सेवानिवृत्त अधिकारी के लगभग 27 लाख रुपये के लंबित भुगतान जारी कराने के एवज में डेढ़ लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है।
जानकारी के अनुसार जावरा (रतलाम) निवासी विजय कुमार बोरसिया ने 8 जुलाई को पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त उज्जैन आनंद कुमार यादव को लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि उनके पिता गोवर्धन लाल, जो जिला आपूर्ति अधिकारी कार्यालय आगर से सेवानिवृत्त हुए हैं, उनकी ग्रेच्युटी, बीमा, अवकाश नकदीकरण सहित अन्य मदों के करीब 27 लाख रुपये के भुगतान की प्रक्रिया लंबित है। आरोप था कि उक्त भुगतान कराने के लिए कार्यालय में पदस्थ बाबू मनीष कुमार पंडया द्वारा डेढ़ लाख रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही है।
ये भी पढ़ें-
बंदूक वाले इंजीनियर की छुट्टी, सस्पेंड होते ही खोली विभाग की 'कमीशन कुंडली', मचा हड़कंप
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त ने मामले की गोपनीय जांच निरीक्षक दीपक सेजवार से कराई। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर ट्रैप की योजना बनाई गई। तय रणनीति के तहत गुरुवार, 10 जुलाई को शिकायतकर्ता ने आरोपी को 50 हजार रुपये की पहली किस्त दी। जैसे ही आरोपी ने रिश्वत की राशि स्वीकार की, पहले से तैनात लोकायुक्त की टीम ने उसे कार्यालय में ही रंगे हाथ पकड़ लिया।
कार्रवाई के दौरान रिश्वत की राशि जब्त कर आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई। समाचार लिखे जाने तक ट्रैप की कार्रवाई जारी थी तथा आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी की जा रही थी। ट्रैप दल में डीएसपी दिनेशचंद पटेल, निरीक्षक दीपक सेजवार, प्रधान आरक्षक हितेश ललावत तथा आरक्षक श्याम शर्मा, इसरार, शिवकुमार शर्मा, संदीप कदम सहित 10 सदस्यीय टीम शामिल रही।
लोकायुक्त संगठन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई शासकीय अधिकारी या कर्मचारी किसी सरकारी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी सूचना तत्काल लोकायुक्त उज्जैन को मोबाइल नंबर 9425103975 अथवा शासकीय दूरभाष 0734-2512756 पर देकर भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्रवाई में सहयोग करें।