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फिर गर्माया हिंदू आतंकवाद का मुद्दा, कांग्रेस पर लगा ये बड़ा आरोप

Sat, 04 May 2019 03:25 PM IST
आसिम खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
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'आंतक से समझौता' किताब पर चर्चा - फोटो : अमर उजाला
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हिंदू आतंकवाद का मुद्दा एक बार फिर देश में गर्मा गया है। कांग्रेस पर लगातार इसे राजनीतिक षड्यंत्र बनाने का आरोप लगाया जा रहा है। भगवा आतंक को एक साजिश बताने वाली कई किताबें बाजार में आ गई हैं। इसी विषय पर लिखी गई डॉ प्रवीण तिवारी की किताब 'आंतक से समझौता' चर्चा में है। भोपाल में प्रवीण तिवारी की किताब पर एक विमर्श का आयोजन किया गया।

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कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए डॉ तिवारी ने कहा कि राजनीतिक षड्यंत्र के तहत कई लोगों पर भगवा आतंकी होने का ठप्पा लगाया गया। दरअसल, यह एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश थी जिसका मकसद संघ के बड़े नेताओं तक पहुंचना था। इस साजिश में तत्कालीन सरकार और जांच एजेंसियां बहुत हद तक कामयाब भी हो गई थीं।

उन्होंने कहा कि मालेगांव विस्फोट में साध्वी प्रज्ञा को जबरन टारगेट किया गया और इतना प्रताड़ित किया कि क्रूरता की इंतेहा हो गई। भगवा आतंक के नाम पर राजनैतिक षड़यंत्र रचा गया जिसका पर्दाफाश होना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि 26/11 हमले को भी भगवा आतंक से जोड़ने की खूब कोशिश की गई। 
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दिग्विजय सिंह जैसे लोग तो मुंबई हमले पर किताब लिखवाकर विमोचन भी करने पहुंच गए। मालेगांव में हमले करने वाले उसे कुबूल करते हैं और चार्जशीट दाखिल होने के बाद उसे खारिज किया जाता है। यह सब पी चिदंबरम की सहमति से हुआ। जबकि उसी आरोप में साध्वी प्रज्ञा को उठाकर प्रताड़ित किया गया, जिसमें एक शख्स दिलीप पाटीदार का आजतक कोई अतापता नहीं है, कोई जिक्र तक नहीं करता। 

डॉ. तिवारी ने कहा कि हम सिर्फ इतना चाहते हैं कि हमारे देश के लोग असलियत को समझें और खुद निर्णय करें कि आखिर हम किसके साथ चलें। भोपाल में किताब पर विमर्श के दौरान 'हिंदू टेरर' नाम की किताब के लेखक आरवीएस मणि और भाजपा के प्रवक्ता प्रेम भी कार्यक्रम में उपस्थित थे। 
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