बैठक में व्यापारियों से चर्चा करते कलेक्टर
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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश के बाद रविवार को प्रशासन ने सियागंज व्यापारी एसोसिएशन और अन्य सहयोगी संगठनों के व्यापारियों के साथ रेसीडेंसी कोठी में बैठक की। संभागायुक्त डॉ. पवन कुमार शर्मा ने अध्यक्षता की, जिसमें अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। बैठक में व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया।
दरअसल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गत दिवस इंदौर प्रवास के दौरान व्यापारियों की शिकायतों को गंभीरता से लिया था। हेलीपैड में उन्होंने संभागायुक्त डॉ. पवन शर्मा और कलेक्टर मनीष सिंह को निर्देश दिए थे और कहा था कि प्रशासन व्यापारियों के साथ बैठकर बात करे। इंदौर में यह सब नहीं होना चाहिए। इसके बाद रविवार को व्यापारियों के साथ बैठक हुई। बैठक के प्रारंभ में कलेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गत दिनों व्यापारियों द्वारा की गई शिकायतों संबंधी खबरों पर गहरी नाराज़गी जताई थी। उन्होंने कहा था कि इंदौर में सियागंज क्षेत्र व्यापार की रीढ़ है। इंदौर के व्यापारियों को भयमुक्त वातावरण मिलना चाहिए। उनके व्यापार में कोई अवरोध नहीं होना चाहिए। कलेक्टर ने कहा कि कोरोना काल में इंदौर के व्यापारियों ने बढ़-चढ़कर साथ दिया है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि व्यापार में यदि कहीं कोई दिक्कत आ रही है तो उन्हें परस्पर समन्वय से दूर किया जाएगा। कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा अगर गलतियां की गई हैं तो उसे समूचे तंत्र से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
धौंस देकर थाने में बैठाती है पुलिस
व्यापारियों की ओर से रमेश खंडेलवाल ने कहा कि पुलिस द्वारा आए दिन व्यापारियों से सैंपलिंग के नाम पर परेशानी पैदा की जाती है। व्यापारियों का कहना था कि पुलिस को सैंपलिंग का अधिकार नहीं है। यह अधिकार खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के पास है। व्यापारियों द्वारा बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा सैंपलिंग के नाम पर धौंस दी जाती है और व्यापारियों को थाने में बैठाया जाता है। प्रभारी पुलिस कमिश्नर मनीष कपूरिया ने बैठक में कहा कि आज और कल प्रकाश में आई इन सभी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। संवाद उच्च स्तर पर रखा जाएगा और व्यापारियों को कोई भी असुविधा नहीं होने दी जाएगी।
दोषियों को करेंगे चिन्हित
संभागायुक्त डॉ. शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्रीजी के स्पष्ट निर्देश हैं कि इंदौर में व्यापार जगत को शासन-प्रशासन का पूरा संरक्षण सुनिश्चित होना चाहिए। इस संबंध में दोषियों को चिन्हित भी किया जाएगा। कमिश्नर डॉ. शर्मा ने स्वयं सहित कलेक्टर और कपूरिया का नंबर व्यापारियों से साझा किया और कहा कि आपको कोई भी दिक्कत हो तो संगठन के पदाधिकारियों द्वारा उन्हें सूचना दी जा सकेगी। शर्मा ने हाल में हुई असुविधा के लिए खेद जताते हुए आश्वस्त किया कि अब भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होने दी जाएगी। बैठक में यह तय किया गया कि पुलिस द्वारा सैंपलिंग का कार्य सीधे नहीं किया जाएगा। यह कार्य केवल खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के इंस्पेक्टर द्वारा किया जाएगा। किसी भी तरह की मिलावट या अन्य किसी गड़बड़ी की सूचना पुलिस को प्राप्त होने पर वे एडीएम को बताएंगे और कार्रवाई छानबीन के बाद संयुक्त दल द्वारा की जाएगी।