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अमानवीयता: मोटर चोरी के शक में युवक को पीटा फिर खंभे से बांधकर बार-बार लगाया करंट; पुलिस को शिकायत का इंतजार

Mon, 13 Jul 2026 08:37 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायसेन

सार

रायसेन में मोटर चोरी के शक में एक युवक को खंभे से बांधकर करंट लगाकर प्रताड़ित किया गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद आक्रोश फैल गया। पुलिस ने शिकायत न मिलने की बात कही है, लेकिन वीडियो के आधार पर जांच शुरू कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

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रायसेन में युवकों के साथ की अमानवीयता - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रायसेन जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां कानून को ताक पर रखकर कुछ लोगों ने एक युवक को तालिबानी सजा दे डाली। मोटर चोरी के शक में युवक को पहले पीटा गया फिर खंभे से बांधा गया और बिजली के झटके दिए गए। हद तब हो गई, जब पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया गया।
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यह सनसनीखेज मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के पिपलई डेम के पास का बताया जा रहा है। आरोप है कि एक युवक को मोटर चोरी में शामिल होने के शक में पकड़ा गया। उससे दूसरे आरोपियों के नाम जानने के लिए दबंगों ने उसे खेत में लगे बिजली के खंभे से रस्सी से बांध दिया। इसके बाद युवक को करंट लगाकर प्रताड़ित किया गया। वीडियो में युवक तड़पता हुआ दिख रहा है और आसपास खड़े लोग उसे धमका रहे हैं। आरोप है कि इस दौरान युवक की जान भी जा सकती थी। आरोपियों ने इस पूरी वारदात को अपने मोबाइल में कैद कर लिया और फिर उसे वायरल कर दिया।

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मामला तब और गरमा गया जब AIMIM के स्थानीय नेता हाफिज मुनीब खान ने इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया अकाउंट से शेयर कर दिया। उनके इस पोस्ट के बाद वीडियो तेजी से फैल गया। आरोप लग रहे हैं कि इस संवेदनशील वीडियो को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया गया। वीडियो में दिख रहा पीड़ित युवक रायसेन के धनियाखेड़ी गांव का रहने वाला है और बैरागी समाज से है। वीडियो सामने आते ही हिंदू संगठनों और आम लोगों में गुस्सा फूट पड़ा। कई संगठनों ने सड़कों पर उतरकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।

घटना के सामने आने के बाद रायसेन एसडीओपी प्रतिभा शुक्ला ने कहा कि अब तक पुलिस के पास इस मामले में कोई लिखित शिकायत नहीं पहुंची है। इसी वजह से अभी FIR दर्ज नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि वीडियो हमारे संज्ञान में है। हम उसकी जांच कर रहे हैं। जैसे ही शिकायत मिलती है या पीड़ित सामने आता है, तुरंत मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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इस घटना के बाद स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने मानवाधिकार आयोग से हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो ऐसे दबंगों के हौसले और बढ़ेंगे। गांव-देहात में पंचायत के नाम पर इस तरह की सजाएं आम होती जा रही हैं, जिसे रोकना जरूरी है। चोरी का शक होने पर भी किसी को इस तरह सजा देने का अधिकार किसी को नहीं है। यह आईपीसी की कई धाराओं में अपराध है। साथ ही, प्रताड़ना का वीडियो बनाकर वायरल करना भी साइबर कानून का उल्लंघन है।
 
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