बारिश और ओलावृष्टि के बाद 'अन्नदाता' पर आग का कहर बरपने लगा है। सतना जिले में उचेहरा तहसील के जाखी में सोमवार को बिजली के तार से निकली चिंगारी ने 90 एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल को राख कर दिया। इस अग्नि हादसे में 20 किसानों की फसल पूरी तरह जल गई। सूचना पर एक घंटे बाद फायर ब्रिगेड वाहन पहुंचा। हालांकि, फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले ग्रामीणों ने आग पर काबू पा लिया था। बाद में फायर ब्रिगेड ने पूरी आग बुझाई।
सूचना पर पटवारी ने मौके पर पहुंचकर नुकसानी का मुआयना किया। ग्रामीणों के अनुसार, जाखी हार में किसान पुष्पेन्द्र सिंह के खेत के ऊपर से 11 हजार बोल्ट की लाइन गई है। यहां तार टूटकर नीचे गिर गया। इसके बाद इसमें स्पार्किंग होने लगी। इसी चिंगारी से खेत की फसल में आग लग गई। इसके बाद तेजी से यह अन्य खेतों को अपनी जद में लेती चली गई। एक घंटे आग फसलों को जलाती रही। इस दौरान तक बड़ी संख्या में गांव के लोग यहां पहुंच गए थे और अपने-अपने तरीके से आग बुझाना शुरू कर चुके थे।
समय पर नहीं पहुंचा दमकल...
ग्रामीणों ने बताया कि आग लगने के तत्काल बाद नागौद में फायर ब्रिगेड को सूचना दे दी गई थी। लेकिन दमकल वाहन को यहां तक आने में एक घंटा से ज्यादा समय लग गया। जब तक वाहन पहुंचा, तब तक ग्रामीणों ने आग पर काबू पा लिया था।
इन किसानों का हुआ नुकसान...
जिन किसानों की फसल को नुकसान होने की जानकारी सामने आई है, उसमें रोहित कुमार गौतम, यादवेन्द्र सिंह, हीरेन्द्र सिंह, प्रदीप कुमार पाठक, सुभाष पाठक, पार्वती पाठक, जय कुमार उपाध्याय, राकेश कुमार बागरी, बृजेश बागरी, रामऔतार उपाध्याय, रमा देवी सिंह, हनुमान शरण सिंह, संजय सिंह, कल्पना सिंह, सुतीक्ष्ण उपाध्याय, दादूलाल उपाध्याय, पुष्पेन्द्र सिंह, राकेश गुप्ता और रामनरेश धोबी बताए गए हैं। पटवारी संजीव पाण्डेय ने बताया कि लगभग 90 से 100 एकड़ में फसल को शत-प्रतिशत नुकसान हुआ है।
32 हजार प्रति हेक्टेयर की क्षतिपूर्ति...
राजस्व अधिकारियों के अनुसार, राज्य शासन ने जो नया संशोधन किया है, उसमें राजस्व पुस्तक परिपत्र के अनुसार एक हेक्टेयर पर 100 फीसदी नुकसान पर 32 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति का प्रावधान है। लघु सीमांत और बड़े किसानों की राशि में थोड़ा बहुत अन्तर हो सकता है।