मध्यप्रदेश में सियासी गोटियां बिछ चुकी हैं। सत्ताधारी भाजपा एक बार फिर से चुनावी रण को फतेह करना चाहती है। वहीं कांग्रेस उसे धूल चटाते हुए राज्य की सत्ता पर काबिज होने की तैयारी कर रही है। इसी बीच 35 साल के एक कांग्रेसी सरपंच को तीरों और पत्थरों से पीट-पीटकर मार दिया गया है। यह घटना रविवार को धार जिले के बलवारी कला पंचायत क्षेत्र में घटी।
इस घटना को कथित तौर पर भाजपा कार्यकर्ता ने अंजाम दिया। जिसके कारण यह पहली चुनावी तारीखों के ऐलान के बाद पहली राजनीतिक हत्या बन गई है।
सरपंच का नाम नाजरू भील था। उसके शव पर 9 तीर मिले हैं जिन्होंने उसके सिर, चेहरे और कमर को चीर डाला था। उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। धार के एसपी बिरेंद्र सिंह ने कहा कि मुख्य आरोपी भाजपा का सूरज सिंह है। वह स्थानीय निकाय चुनाव में नाजरू से हार गया था।
पुलिस ने सिंह और 21 अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। मध्यप्रदेश में चुनावी हिंसा काफी दुर्लभ है। किसी को शायद ही पिछली बार चुनाव के दौरान हुई हिंसा की कोई घटना याद होगी। बलवारी कला पंचायत गंधवानी निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आती है। जहां से 2008 और 2013 विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के उमान सिंघर विधायक हैं। एसपी ने बताया कि सिंह और नाजरू के बीच पिछले स्थानीय निकाय चुनाव के दौरान से ही दुश्मनी थी।
गांववालों ने बताया कि नाजरू को उसके संगठनात्मक कौशल के लिए जाना जाता है। इसी वजह से कांग्रेस ने पंचायत चुनाव में उसे खड़ा किया था। एएसपी रूपेश द्वीवेदी ने कहा, 'सरपंच बाइक से अपने घर लौट रहा था तभी आरोपी ने उसे पकड़ लिया। उन्होंने उसका पीछा किया और भूतियापारा गांव के घर के बाहर उसपर हमला कर दिया। वह अपने घर के अंदर भागा तभी आरोपियों ने उसे
तीर मारे और उसपर पत्थर फेंके।'