मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इसकी चपेट में अब स्वास्थ्यकर्मी और पुलिसकर्मी भी आ रहे हैं। हालात को देखकर राजधानी भोपाल में पूरी तरह लॉकडाउन कर दिया गया है और यहां कर्फ्यू जैसी स्थिति है। यहां अब तक 54 मरीज सामने आ चुके हैं। वहीं, इंदौर और मुरैना में भी स्थित चिंताजनक है।
इंदौर के टाटपट्टी बाखल इलाके में कोरोना वायरस संक्रमण के छह नए मरीज मिले हैं। यह वही इलाका है जहां इस महामारी की रोकथाम के लिये गये स्वास्थ्य कर्मियों के दल पर पांच दिन पहले पथराव किया गया था। शासकीय महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के एक अधिकारी ने सोमवार को बताया कि टाटपट्टी बाखल इलाके में कोरोना वायरस के छह नये मरीजों में एक ही परिवार के पांच लोग शामिल हैं।
इस बीच, पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों ने टाटपट्टी बाखल इलाके का दौरा किया। दौरे के बाद जिलाधिकारी मनीष सिंह ने बताया कि टाटपट्टी बाखल की एक ही गली में कोरोना वायरस संक्रमण के कई मामले सामने आए हैं। इस गली के करीब 400 मीटर के क्षेत्र में लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। उन्होंने बताया कि इस गली के लोगों की सेहत की अगले कुछ दिनों तक नियमित जांच की जाएगी। हम लोगों को कोविड-19 के खिलाफ जागरूक कर रहे हैं और उन्हें सही तरीके से इस महामारी का इलाज कराने की बात समझा रहे हैं।
जिसकी मौत हुई थी वो कोरोना पॉजिटिव था
इंदौर में तीन दिन पहले जिस 54 वर्षीय शख्स की मौत हुई थी वह टेस्ट में कोरोना पॉजिटिव पाया गया। इसी के साथ मध्यप्रदेश में कोरोना से 15 लोगों की मौत हो गई है। इंदौर में सबसे ज्यादा 10 लोगों की मौत हुई है। इंदौर के सरकारी महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों ने बताया कि यह शख्स 1 अप्रैल को बुखार, कफ और सांस लेने में तकलीफ पर अस्पताल में भर्ती हुआ था, लेकिन
तीन अप्रैल को उसकी मौत हो गई।
भोपाल में मरीजों की संख्या बढ़कर 54 हुई
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों की संख्या सोमवार को बढ़कर 54 हो गई है। भोपाल के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. सुधीर डेहरिया ने बताया कि सोमवार की दोपहर तक भोपाल में कोरोना वायरस संक्रमण के 14 नए मरीज मिले हैं। इन्हें मिलाकर अब तक भोपाल में कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 54 हो गई है। डॉ डेहरिया ने बताया कि आज पाए गए कोरोना वायरस संक्रमित सभी मरीज स्वास्थ्य और पुलिस विभाग के कर्मचारी हैं। उन्होंने बताया कि भोपाल में 54 मरीजों में से अब तक दो मरीजों को स्वस्थ घोषित कर अस्पताल से छुट्टी दी गई है। जबकि एक मरीज की रविवार रात को एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मृत्यु हो गई थी।