लखनऊ। मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने बृहस्पतिवार मंडल के विकास कार्यक्रमों की समीक्षा की। इस दौरान उन्हें कई योजनाओं में गंभीर कमियां मिलीं, जिस पर उन्होंने नाराजगी जताई। 2,018 ग्राम पंचायतों में जन सेवा केंद्र की सेवा शून्य पाई गई। ऑडिट के 6,570 मामले लंबित मिले। गोवंश सहभागिता योजना में 4,258 लाभार्थियों का भुगतान बाकी था। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में मंडल की प्रगति केवल 42.46 फीसदी रही।
मुख्य मार्गों के अनुरक्षण के 48 में से 19 कार्य अधूरे पाए गए। डिजिटल लाइब्रेरी में 24 ग्राम पंचायतों में फर्नीचर आपूर्ति लंबित थी। रायबरेली में अशक्त गोवंश के लिए 58 आइसोलेशन कक्षों का निर्माण भी अधूरा मिला। हालांकि, फार्मर आईडी जनरेशन में मंडल ने 88.70 फीसदी उपलब्धि के साथ प्रदेश औसत से बेहतर प्रदर्शन किया। मंडलायुक्त ने सभी लंबित काम समय से पूरा करने के निर्देश दिए।