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Lucknow News: जेब्रा क्रॉसिंग पर बैरिकेडिंग, लालबत्ती ओवरटेक कर रहीं स्टॉपलाइन, कैसे सड़क पार करें पैदलयात्री

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गड़बड़ रोड इंजीनियरिंग का नमूना।
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लखनऊ। राजधानी के अमूमन हर चौराहे पर सड़क सुरक्षा नियमों की घोर अनदेखी हो रही है। लालबत्ती होने से पहले स्टॉपलाइन न होने के कारण वाहन पहले ही रुकने के बजाय लालबत्ती पार करने लगते हैं। इससे पैदल चलने वालों के लिए सुरक्षित स्थान नहीं बचता। लोक निर्माण विभाग के विश्वेश्वरैया प्रेक्षागृह में हाल ही में आयोजित इंस्टीट्यूट ऑफ रोड ट्रैफिक एजुकेशन (आईआरटीई) की कार्यशाला में यातायात व्यवस्था की ऐसी ही खामियां उजागर की गई थीं। आईआरटीई के प्रेसिडेंट डॉ. रोहित बलूजा ने लखनऊ की इन्हीं खामियों का उदाहरण देकर अन्य जिलों के आरटीओ और एआरटीओ अधिकारियों को चेताया कि चौराहों पर सिग्नल खराब हैं या साइनेज बोर्ड गायब हैं। जहां जेब्रा क्रॉसिंग है भी, वहां पेंट इतना धुंधला हो चुका है कि वह दिखाई नहीं देता। ये खामियां न केवल नियमों के विरुद्ध हैं, बल्कि हादसे भी बढ़ा रहे हैं।
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यहां स्टॉपलाइन ही बन गई बाधा

बंगला बाजार : यातायात नियमों के अनुसार, स्टॉपलाइन सिग्नल से पहले होनी चाहिए, ताकि वाहन समय पर रुक सकें। मगर हकीकत इसके उलट है। स्टॉपलाइन लालबत्ती के बाद बनी है, जिससे पैदल यात्रियों के लिए सड़क पार करने की जगह ही नहीं बचती।

हजरतगंज व अन्य इलाके:
जेब्रा क्रॉसिंग बाधा रहित होनी चाहिए, लेकिन हजरतगंज, इंदिरानगर और अलीगंज जैसे क्षेत्रों में जेब्रा क्रॉसिंग के बीच में ही लोहे की बैरिकेडिंग या डिवाइडर खड़े कर दिए गए हैं।
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असमंजस पैदा कर रहे हैं साइनेज बोर्ड

सड़क एक, स्पीड लिमिट कई : अयोध्या रोड और शहीद पथ पर चालक भ्रमित हैं। फ्लाईओवर पर अलग-अलग दूरी पर अलग-अलग स्पीड लिमिट के बोर्ड लगे हैं। कहीं एक ही जगह 40 और 60 किमी/घंटा की सीमा दर्शाई गई है, जिससे चालान का डर और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

गलत जगह स्टॉप का बोर्ड:
पॉलीटेक्निक चौराहे पर हाईकोर्ट की ओर से इंदिरानगर जाते समय जेब्रा क्रॉसिंग के ठीक ऊपर स्टॉप का बोर्ड लगा दिया गया है। ऐसे में वाहन चालक और पैदल यात्री इस उलझन में रहते हैं कि प्राथमिकता किसे दी जाए।

Iसड़क सुरक्षा को पुख्ता बनाने के लिए सिर्फ विभिन्न विभागों के बीच बैठकें होने से मुद्दा हल नहीं होगा, बल्कि हर विभाग को जिम्मेदारी समझनी होगी। साइनेज, जेब्रा क्रॉसिंग, स्टॉपलाइन, ट्रैफिक सिग्नल, रोड इंजीनियरिंग, ट्रैफिक इंजीनियरिंग हर मुद्दे पर मंथन व समझ की जरूरत है। I

I-डॉ. रोहित बलूजा, प्रेसिडेंट, आईआरटीईI

गड़बड़ रोड इंजीनियरिंग का नमूना।

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