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लखनऊ: यूफोरिया बैंड की प्रस्तुति ने भरा जोश

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इन्वेस्टर्स समिट के अंतिम दिन यूफोरिया बैंड की प्रस्तुति ने माहौल में जबरदस्त जोश भर दिया। उत्साहित दर्शक स्टेज तक पहुंच गए, जैसे-तैसे सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें दूर किया। बैंड ने एक से बढ़कर एक गाने सुनाकर शाम को यादगार बना दिया। दर्शक अंतिम प्रस्तुति तक वहीं डटे रहे।
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समिट के वाल्मीकि हॉल में रविवार को यूफोरिया बैंड को सुनने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचे थे। मुख्य गायक पलाश सेन के स्टेज पर पहुंचते ही दर्शकों का जोश डबल हो गया। पलाश सेन ने गणेश वंदना सुनाई। इसके बाद अपनी है धरती, अपना है जहां... सुनाया और जब धूम पिचक धूम... सुनाया तो दर्शक झूमने लगे और खड़े होकर गायक के साथ गाने भी लगे। इसी क्रम में, तू है मेरी मैं तुम्हारा, छोटा सा संसार हमारा, आगे जाने राम क्या होगा... सुनाया तो दर्शकों का जोश देखने लायक था। बैंड की प्रस्तुतियों से श्रोता इतने उत्साहित हो गए कि मंच तक पहुंचने लगे। अव्यवस्थाएं हावी होते देख सुरक्षाकर्मियों ने मोर्चा संभाला। पर, दर्शकों को रोकना मुश्किल हो रहा था। युवाओं की मांग पर बैंड के कलाकारों ने एक और प्रस्तुति दी। बैंड की एक-एक प्रस्तुति श्रोताओं के जोश को बढ़ाती जा रही थी और देर शाम तक यह सिलसिला चलता रहा।
आल्हा में झांसी की रानी का शौर्य
कार्यक्रम में शीलू सिंह राजपूत ने झांसी की रानी की वीरता पर आल्हा गायन पेश किया, जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया। ढोलक पर सर्वेश, बांसुरी पर सोहनलाल, कोरस पर पवन रहे। इसके अतिरिक्त कथक डांसर अनुज मिश्र एवं दल ने लवकुश प्रथा पर नृत्य पेश किया। शिवेंद्र सिंह, आरती बघेल, अनामिका सिन्हा, सिद्धि टंडन, हर्षिता त्रिपाठी ने भी नृत्य की प्रस्तुति दी।
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राधा-कृष्ण के मयूर नृत्य ने मोहा
मथुरा से आईं लोक कलाकार मणिका पाल एवं दल ने मयूर नृत्य की प्रस्तुति दी। उनकी टीम ने बिक गयो बांके बिहारी... गाने पर मयूर नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि मयूर नृत्य बरसाने का लोकनृत्य है, जिसके बारे में कहा जाता है कि जब राधारानी कृष्ण को तलाशते हुए बरसाने आई थीं और कृष्ण उनको मयूर के रूप में मिले, जिसके बाद मिलने की खुशी में दोनों ने मयूर नृत्य किया। यह होली व जन्माष्टमी पर पेश किया जाता है। मंच पर नीलम, आकांक्षा, डॉली, सोनम, श्वेता, वंशिका, साक्षी, जैशिका, महिपाल और केशव ने नृत्य पेश किया।
पहले टरकाया, फिर दिया मौका
मथुरा से आईं कुंजलता मिश्र की टीम को सांस्कृतिक कार्यक्रम में मंच देने से टरका दिया गया। यूफोरिया बैंड की प्रस्तुति देरी से शुरू होने और देरी तक चलने के कारण उन्हें मंच नहीं मिला, जिससे कलाकार नाराज हो गए। कुंजलता मिश्र ने कहा कि यह अपमान है और इसकी शिकायत संस्कृति विभाग से करेंगी। इसके बाद उन्हें ड्रोन शो के बाद मंच देने का आश्वासन दिया गया, जिसके बाद मामला शांत हुआ। कलाकारों ने नृत्य नाटिका कृष्णम पेश किया। मंच पर दिव्यांजलि मिश्र, गौरांगी शर्मा, मधुमिता, रचना शर्मा, नीतू सिंह, राधिका श्रीवास्तव सहित स्विट्जरलैंड की चंद्रमुखी मुल्लर व क्रोएशिया की एंटोनिया ने प्रस्तुति दी।
कलाकारों से अभद्रताए पर टीम नाराज
यूफोरिया बैंड के कलाकारों संग कार्यक्रम से पूर्व आयोजकों की कहासुनी तक हो गई। गाली-गलौज तक हुई। साथ ही यह भी कहा गया कि पेमेंट रोक दिया जाएगा। इससे कलाकारों में खासा रोष रहा और बैंड कलाकार देरी से मंच पर पहुंचे, जिससे लोकनृत्य पेश करने वाले कलाकारों को देरी से मंच दिया गया। कमोबेश लोकनृत्यों की प्रस्तुति देने वाले कलाकार भी इसे लेकर नाराजगी जता चुके हैं। प्रस्तुतियों के कम समय दिया जाना भी कलाकारों को खटका।
ड्रोन से बनी राम की आकृति तो लगे जयकारे
इन्वेस्टर्स समिट के अंतिम दिन भी ड्रोन शो हुआ। ड्रोन शो के जरिये अध्यात्म से उभरते विकसित प्रदेश की कहानी बयां की गई। खास बात यह रही कि पूरे परिसर में मोबाइल पर लोग शो को रिकॉर्ड करते दिखे तथा जैसे ही ड्रोन से प्रभु श्रीराम की आकृति बनाई गई, लोगों ने जयकारे लगाने शुरू कर दिए। आठ मिनट के शो ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा।
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