सुनील गुप्ता का आरोप है कि प्रवीण गुप्ता ने अपनी पत्नी ममता गुप्ता, पुत्र प्रियम गुप्ता और बैंककर्मियों की मिलीभगत से फर्जी हस्ताक्षर से खाता खोला और जो पैसा रितु गुप्ता के खाते में जमा करना था, उसे इस जाली खाते में जमा करते रहे।
कानपुर के यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की सर्वोदय नगर शाखा में एक कंपनी संचालक की पत्नी का फर्जी हस्ताक्षर से खाता खोलकर करोड़ों रूपये का घपला करने का मामला सामने आया है। इस प्रकरण का मुकदमा राज्य एसआईटी ने दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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कानपुर के तिलक नगर निवासी सुनील गुप्ता की पत्नी रितु गुप्ता का यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की सर्वोदय नगर शाखा में बचत खाता है। छह वर्ष पूर्व जब सुनील गुप्ता ने बैंक से अपनी कंपनियों और परिजनों के खातों का स्टेटमेंट लिया तो उसमें एक खाता ऐसा मिला जो उनकी पत्नी के नाम था। हालांकि ये खाता उनकी पत्नी ने नहीं खोला था। जब उन्होंने बैंक से पता किया तो मालूम पड़ा कि खाता खोलने वाले फॉर्म पर उनकी पत्नी के असली हस्ताक्षर नहीं है।
सुनील गुप्ता का आरोप है कि उनकी पत्नी और परिजनों के सारे खातों की देखरेख का काम काकादेव निवासी प्रवीण गुप्ता करते हैं। उन्होंने अपनी पत्नी ममता गुप्ता, पुत्र प्रियम गुप्ता और बैंककर्मियों की मिलीभगत से फर्जी हस्ताक्षर से खाता खोला और जो पैसा रितु गुप्ता के खाते में जमा करना था, उसे इस जाली खाते में जमा करते रहे। बाद में अपनी पत्नी और पुत्र के खाते में पैसा ट्रांसफर करके हड़प लिया। प्रवीण गुप्ता ने कई बार सेल्फ चेकों के माध्यम से बैंक से नगदी भी निकाली।