लखनऊ। माता-पिता बच्चों पर अंकतालिका का बोझ न डालें, बल्कि ऐसा माहौल दें कि युवा नौकरी मांगने वाले नहीं, देने वाला बनें। आने वाला समय बिजनेस और स्वरोजगार का है। गोमतीनगर स्थित आईजीपी के ज्यूपिटर हॉल में शुक्रवार को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के मेगा एमएसएमई आउटरीच प्रोग्राम में मुख्य अतिथि डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने युवाओं को इस तरह उद्यम क्षेत्र में जाने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम में एमएसएमई विभाग की महत्वाकांक्षी योजना सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत बैंक की ओर से लखनऊ, बाराबंकी और अयोध्या के 2781 युवाओं को पांच लाख रुपये तक का ऋण दिया गया। ब्रजेश पाठक, प्रमुख सचिव एमएसएमई आलोक कुमार, बैंक की प्रबंध निदेशक व सीईओ ए मणिमेखलै, अंचल प्रमुख राजेश कुमार ने ये चेक सौंपे।
पाठक ने कहा, प्रदेश में इस वक्त सबसे ज्यादा आबादी युवाओं की है। अब हर युवा उद्यम के क्षेत्र में बढ़ना चाहता है। इसके लिए सरकार बिना किसी गारंटी के पांच लाख रुपये का कर्ज दे रही है। युवाओं को अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए हर संभव मदद दी जाएगी।
प्रमुख सचिव ने कहा, जिनके लिए 25 हजार रुपया भी जुटाना कठिन होता था, ऐसे युवाओं को इस योजना के तहत तीन महीने में 12 हजार से ज्यादा प्रोजेक्टों के लिए पांच-पांच लाख रुपये तक दिए गए हैं। हर जिले में एक रिटायर्ड बैंक अफसर रख रहे हैं, जो उद्यमियों की समस्याओं का समाधान करेंगे। इसके अलावा कॉल सेंटर है। छोटे उत्पादकों की भी मार्केटिंग हो सके, इसके लिए 21 मार्च को बैठक भी होगी।