लखनऊ। पीजीआई के एपेक्स ट्रॉमा सेंटर के डॉक्टरों ने गोली लगने से हेमोरेजिक शॉक (रक्तस्रावी आघात) में आए मरीज को नया जीवन दिया है। सफल ऑपरेशन के बाद मरीज को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है।
गोसाईंगंज के उदवतखेड़ा निवासी पंकज कुमार यादव (35) को 14 अगस्त की रात करीब 12:30 बजे एपीआई अंसल इलाके में बदमाशों ने पेट में गोली मार दी थी। परिजन उन्हें लहूलुहान हालत में एपेक्स ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे। मरीज का रक्तचाप बेहद कम था और वह गंभीर हेमोरेजिक शॉक में था। इमरजेंसी टीम ने तुरंत रीससिटेशन प्रोटोकॉल शुरू किया और रक्त चढ़ाया। हालत स्थिर होते ही मरीज को ऑपरेशन थियेटर में शिफ्ट कर इमरजेंसी लैप्रोटॉमी की गई। सर्जरी के दौरान पेट में करीब 1.5 लीटर खून जमा मिला। जांच में पता चला कि गोली ने छोटी आंत को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया था।
ट्रॉमा सर्जन प्रो. अमित कुमार सिंह के नेतृत्व में डॉ. आदित्य और डॉ. वरुण गुप्ता ने खराब हो चुकी 15 सेंटीमीटर आंत को काटकर बाहर निकाला और आंत के दोनों स्वस्थ सिरों को आपस में दोबारा जोड़ दिया। एनेस्थीसिया टीम के डॉ. गणपत प्रसाद, डॉ. रफत शमीम और डॉ. दीक्षा ने ऑपरेशन के दौरान मरीज को संभाला। ऑपरेशन के बाद मरीज को 48 घंटे वेंटिलेटर पर रखा गया। लगातार प्रयासों से मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो गया। निदेशक पद्मश्री प्रो. आरके धीमन ने पूरी टीम की सराहना की।