रायबरेली। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में शनिवार को लाए गए डेंगू के लक्षण वाले मरीज की मौत हो गई। खीरों क्षेत्र के युवक को बुखार था। उसकी प्लेटलेट्स घटकर 45 हजार से कम हो गई थी। चिकित्सक ने डेंगू की जांच की सलाह दी। जांच से पहले ही युवक की मौत हो गई। शनिवार को इमरजेंसी में आए बुखार के 23 मरीजों को भर्ती कर इलाज शुरू किया गया है।
सुबह बारिश के बाद भी ओपीडी में मरीजों की लंबी लाइन देखने को मिली। ओपीडी में बुखार और उल्टी दस्त से ग्रसित ज्यादा मरीज इलाज कराने के लिए पहुंचे। खीरों क्षेत्र के दुकनहा निवासी हिमांशू (19) को शनिवार की सुबह सीएचसी खीरों ले जाया गया। युवक कई दिनों से बुखार से ग्रसित था। शनिवार को उसकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई।
जांच में प्लेटलेट्स घटकर 45 हजार से कम हो गई। डेंगू के अन्य लक्षण भी मिलने पर चिकित्सक ने डेंगू जांच की सलाह दी। युवक को सीएचसी से जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया। उसे सीएचसी लाया गया, लेकिन इलाज शुरू होने से पहले ही युवक की मौत हो गई।
शनिवार को जिला अस्पताल में बुखार और उल्टी दस्त से ग्रसित 23 से अधिक मरीजों को भर्ती कराया गया। सभी मरीजों का इलाज चल रहा है। ओपीडी में सुबह से ही मरीजों की लंबी लाइन लग गई। परचा काउंटर से लेकर दवा काउंटर और पैथोलॉजी में भी भीड़ रही। मेडिसिन विभाग की ओपीडी में ज्यादा भीड़ रही। कई मरीजों को डेंगू की जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया।
पीकू वार्ड फुल, चिकित्सक की तैनाती
गंभीर रूप से बीमार बच्चों के इलाज के लिए जिला अस्पताल में संचालित पीकू वार्ड फुल हो गया है। इस वार्ड में एक चिकित्सक को लगातार ड्यूटी करने के निर्देश दिए गए हैं। सीएमएस डॉ. प्रदीप अग्रवाल ने बताया कि पीकू वार्ड में मरीजों को बेहतर सेवाएं देने का प्रयास किया जा रहा है। पीकू वार्ड के लिए और चिकित्सकों व स्टाफ की डिमांड शासन से की जाएगी।
मौसम में बदलाव हो रहा है। ऐसे में मच्छरजनित रोगों का ज्यादा खतरा है। लोग एहतियात बरतें। समस्या प्रतीत होने पर अस्पताल आकर इलाज कराएं।
- डॉ. प्रदीप अग्रवाल, सीएमएस जिला अस्पताल