एएसपी के मुताबिक, चारों ने 25 दिन पहले पीजीआई थानाक्षेत्र के के सराफ आलोक गोयल से आठ लाख की रंगदारी मांगी थी। आलोक ने शेर अली के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। गिरफ्त में आने के बाद चारों ने सराफ से रंगदारी की बात कुबूली। पुलिस के मुताबिक, बदमाशों ने मुंबई के कारोबारियों से रंगदारी मांगना भी कुबूला है।
एएसपी के मुताबिक, ठेकेदारी में घाटा होने के बाद शरद अत्रे ने गिरोह बनाया था। विशाल व मोहसिन पहले से ही उसके संपर्क में थे। अलीम की दुकान पर उसका उठना-बैठना था। पूछताछ में शरद ने कुबूला कि यू-ट्यूब व गूगल से फर्जी पहचान पत्र पर सिम व मोबाइल हासिल करने की जानकारी ली। अलीम ने आसानी से फर्जी पहचान पत्र पर सिम कार्ड उपलब्ध कराया।