बसपा सुप्रीमो ने लोकसभा में पेश हुए मोदी सरकार के आखिरी बजट को भी पूर्व में पेश हुए बजटों की तरह गरीब विरोधी बताया है।
गुरुवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली के बजट पेश करने के बाद जारी एक बयान में मायावती ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को जुमलेबाजी बंद करके तथ्यों के आधार पर देश को बताना चाहिए कि जिन अच्छे दिनों का वादा उन्होंने सवा सौ करोड़ देशवासियों से किया था, वह कहां है। मोदी सरकार के इस बजट को उन्होंने जनता के साथ किया गया छलावा बताया।
उन्होंने कहा कि मौजूदा बजट वास्तविक भारत की जरूरतों को पूरा नहीं करता। भाषणों और लच्छेदार बातों से मेहनतकश जनता का पेट नहीं भरने वाला। बसपा सुप्रीमो ने सरकार से अब तक किए गए कामों का लेखा-जोखा जनता के सामने प्रस्तुत करने और देश की जनता से झूठे वादे करने के लिए माफी मांगने की मांग की है।
प्रधानमंत्री मोदी के 'पकौड़ा बेचकर रोजगार' वाले बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आज के युवाओं को अपनी क्षमता के अनुसार सम्मानजनक जीवन जीने के लिए अवसर मुहैया कराने की जरूरत है, न कि 'पकौड़ा बेचकर रोजगार' अर्जित करने वाले सरकार सुझाव की।