मेडिकल परीक्षण भी कराया जा चुका था। सेना की तरफ से दोबारा मेडिकल परीक्षण कराने की बात कहते हुए उन्हें बुलवाया गया था। आकाश, अरुण और पवन ने बताया कि उन्हें बुधवार सुबह पांच बजे मेडिकल परीक्षण के लिए बुलाया गया था जबकि शिवम को सात बजे जाना था।
तीनों होटल से चार बजे ही चले गए थे। साढ़े छह बजे के करीब शिवम भी निकल गया। होटल के कर्मचारियों ने बताया कि साढ़े ग्यारह बजे के आसपास वह होटल लौट आया। दोपहर करीब तीन बजे उसके तीनों रूममेट लौटे तो कमरे का दरवाजा भीतर से बंद था। उन्होंने दरवाजा खटखटाया पर भीतर से कोई आहट नहीं हुई।
शिवम को आवाज लगाने पर भी जवाब नहीं मिला तो उन्होंने होटल प्रबंधन को सूचना दी। होटल के स्टाफ से जानकारी पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा खुलवाया। भीतर शिवम कपड़ों का फंदा बनाकर पंखे से लटका मिला तो हड़कंप मच गया।
शिवम के रूममेट ने बताया कि उसे दांतों में कुछ गड़बड़ी बताते हुए मेडिकल टेस्ट में फेल कर दिया गया था। नौकरी में चयन के बाद भी मेडिकल टेस्ट में फेल होने पर उसने खुदकुशी की है। हालांकि, पुलिस को कमरे से सुसाइड नोट नहीं मिला है।
होटल आने के बाद शिवम ने छोटे भाई शुभम से फोन पर बातचीत की थी। दो दिन पहले उसने शुभम को फोन कर पांच हजार रुपये बैंक खाते में मंगाए थे। पुलिस सूत्रों का कहना है कि शिवम ने टेस्ट में फेल होने की जानकारी दी तो शुभम ने रुपया बर्बाद करने की बात कह दी।
इससे शिवम आहत हो गया था। उधर, शिवम की मौत की जानकारी पाकर परिवारीजन लखनऊ पहुंच गए। पिता सुभाष चंद्र सिंह किसान हैं। घर पर छोटे भाई शुभम, शकुन व मां राजेश हैं।