लखनऊ। राजधानी के राजकीय इंटर कॉलेजों में अब प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) और भारतीय वन सेवा (आईएफएस) के युवा अधिकारी इंटर के विद्यार्थियों को कॅरिअर की राह दिखाएंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक देवेंद्र पांडेय ने 55 कॉलेजों का चयन करके सूची जिलाधिकारी को भेजी है।
जिले में तैनात युवा प्रशासनिक, पुलिस और वन सेवा अधिकारी अगले महीने से एक-एक इंटरमीडिएट विद्यालय (राजकीय, अशासकीय, वित्तविहीन या निजी) में कक्षाएं लेंगे। इस दौरान अधिकारी केवल औपचारिक भाषण नहीं देंगे, बल्कि विद्यार्थियों के साथ सहभागितापूर्ण चर्चा और प्रश्नोत्तरी आयोजित करेंगे। पढ़ाई के साथ बेहतर कॅरिअर की जानकारी देंगे। अधिकारी यूपीएससी, यूपीपीएससी, यूपीपीएसएसएससी, एनडीए, एसएससी, एनडीए, आईआईटी, जेईई, नीट, सीयूईटी, एसईटी और उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग जैसी परीक्षाओं की तैयारी के टिप्स देंगे।
विद्यार्थियों को ये फायदे भी मिलेंगे
इस पहल से विद्यार्थियों में अध्ययन और कौशल विकास जीवन का लक्ष्य निर्धारण, प्रभावी अध्ययन पद्धति, समय प्रबंधन और आत्म-अनुशासन बढ़ेगा। इसके अलावा उन्हें उच्च व तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा, उद्यमिता, स्टार्टअप के अवसरों और सरकार की युवा कल्याण योजनाएं भी बताई जाएंगी।
जिलाधिकारी की भी तय हुई जिम्मेदारी
जिलाधिकारी हर महीने इन कार्यक्रमों का कैलेंडर तैयार करेंगे, ताकि सभी युवा अधिकारियों की सहभागिता सुनिश्चित हो सके। जनपद में आयोजित हुए कार्यक्रमों की रिपोर्ट (स्कूल का नाम, अधिकारी का नाम, विषय और विद्यार्थियों के सुझाव) अगले महीने की पांच तारीख तक माध्यमिक शिक्षा विभाग को भेजनी होगी। जिलाधिकारी स्वयं इस कार्यक्रम की गुणवत्ता की समीक्षा करेंगे।
कोट......
इस पहल से विद्यार्थी इंटरमीडिएट की पढ़ाई के दौरान ही सही कॅरिअर का चयन कर सकेंगे। उन्हें इसकी तैयारियों के लिए अधिकारियों की ओर से टिप्स भी दिए जाएंगे।
- देवेंद्र पांडेय, जिला विद्यालय निरीक्षक