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युवा अमेरिकी नेताओं ने समझी यूपी की 'पॉलिटिक्स'

Sat, 14 Dec 2013 08:07 PM IST
राजेंद्र सिंह/लखनऊ
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अमेरिका के युवा राजनीतिज्ञों ने शनिवार को प्रदेश सरकार के कामकाज का तरीका समझा।
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उन्होंने संसदीय और विधायी कार्यों के साथ ही विकास योजनाओं का संचालन जानने में भी दिलचस्पी दिखाई।

विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि प्रदेश के राजनीतिज्ञों ने न केवल राष्ट्रीय राजनीति को प्रभावित किया, बल्कि यहां की संसदीय व्यवस्था ने देश-दुनिया को दिशा दी है।

विकास कार्यों की जानकारी लेने आया है दल
अमेरिकी काउंसिल ऑफ यंग पॉलिटिकल लीडर्स (एसीवाईपीएल) का आठ सदस्यीय दल भारत में संसदीय व्यवस्था और विकास कार्यों की जानकारी लेने आया हुआ है। दल की अगुवाई कर रहे वर्जीनिया गोल्डमैन सैच्स (रिपब्लिकन) के गवर्नमेंट अफेयर्स के वाइस प्रेसीडेंट जे वॉल और अन्य सदस्यों ने विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात की।
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उन्होंने यूपी में सरकार के कामकाज के तौर-तरीकों और विकास योजनाओं, खासतौर से जलापूर्ति, सड़क, सीवर, कृषि और शिक्षा आदि के संबंध में जानकारी ली।

विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडे ने कहा कि यूपी देश का सबसे बड़ा राज्य है। देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू और चौधरी चरण सिंह जैसे कुशल राजनेता उत्तर प्रदेश ने ही दिए।

यहां के संसदीय और विधायी कार्यों की तारीफ देश और दुनिया में होती है।

कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता प्रदीप माथुर, भाजपा के राघव लखनपाल और पर्यटन मंत्री ओमप्रकाश सिंह ने अमेरिकी दल को बताया कि किस तरह प्रदेश में विकास योजनाएं संचालित की जा रही हैं। यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश भी युवा हैं। वह विकास कार्यों में भरपूर रुचि लेते हैं। सरकार ने किसानों, छात्रों और अन्य वर्गों के लिए कई योजनाएं प्रारंभ की हैं।

उन्होंने अवध, आगरा, बृज आदि की संस्कृति के बारे में बताया। माथुर ने उन्हें प्रदेश के भूगोल और ऐतिहासिक महत्व की भी जानकारी दी।

दुनिया की सबसे बड़ी लैपटॉप योजना
अमेरिकी दल को यहां बताया गया कि कंप्यूटर शिक्षा के विस्तार के लिए छात्र-छात्राओं को लैपटॉप उपलब्ध कराए गए हैं। यूपी में इंटर पास करने वाले सभी छात्र-छात्राओं को लैपटॉप दिए गए हैं। यह भारत और दुनिया की सबसे बड़ी योजना है।
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महिलाओं का प्रतिनिधित्व कम
दल को यह भी बताया गया कि यूपी विधानसभा में महिलाओं का प्रतिनिधित्व अपेक्षाकृत कम है। आठ विधानसभाएं ऐसी रहीं जिनमें मुस्लिम महिलाओं की कोई भागीदारी नहीं थी। 1952 में पहली विधानसभा में 11 महिला विधायक चुनकर्र आईं थी।
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