स्टेडियम बुक करना हो तो एक हजार ‘अंशदान’ दीजिए
सरकारी स्टेडियम मेें ट्रेनिंग करने के लिए करनी पडे़गी जेब ढीली
लखनऊ। अब खेल विभाग के किसी भी स्टेडियम को बुक करने के लिए एक हजार रुपये अतिरिक्त देने होंगे। इसके अलावा सरकारी स्टेडियम में 18 वर्ष से अधिक आयु वाले खिलाड़ी को ट्रेनिंग के लिए अपनी जेब ढीली करनी होगी। दरअसल, सालों पहले गठित खेल प्रोत्साहन समिति को नया रूप देने के लिए अंशदान के रूप मेें फंड इकट्ठा किया जाएगा, जिसका उपयोग प्रदेश का खेल ढांचा बेहतर बनाने और खिलाड़ियों की आर्थिक मदद देने में किया जाएगा। इस संबंध में 14 अक्तूबर को डीएम और खेल विभाग के अधिकारियों की बैठक भी नियत की गई है ताकि बेहतर परिणाम निकलकर सामने आए।
स्टेडियम की बात करे तो जैसे क्रिकेट ग्राउंड की बुकिंग 625 रुपये निर्धारित थी, जो अब एक हजार अंशदान के बाद 1625 रुपये हो जाएगी। इसके अलावा हर बुकिंग पर एक हजार रुपये अतिरिक्त देंगे पड़ेंगे। अन्य बदलाव के तहत 18 वर्ष से कम आयु के खिलाड़ी को प्रतिवर्ष 100 रुपये रजिस्ट्रेशन के रूप में जमा करवाने होंगे, जबकि 18 वर्ष से ऊपर आयु के बैडमिंटन खिलाड़ी को अंशदान के रूप में शुरू में एक हजार रुपये देने होंगे। बीती 27 जुलाई को उत्तर प्रदेश खेल विकास एवं प्रोत्साहन समिति के संबंध में शासनादेश जारी किया गया था। समिति के अंतर्गत तहसील स्तर पर एडीएम एवं क्रीड़ाधिकारी, जिला स्तर पर डीएम एवं जिला क्रीड़ाधिकारी, मंडल स्तर पर कमिश्नर एवं क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी विकास कार्य देखेेंगे, जबकि राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री इस समिति के अध्यक्ष और खेल निदेशक सचिव के रूप में इसकी कमान संभालेंगे। जारी शासनादेश के अनुसार प्रत्येक जिम अथवा तरणताल संचालक को वार्षिक रजिस्ट्रेशन के रूप में 15000 रुपये प्रोत्साहन समिति में जमा करवाने होंगे। इसके अलावा जिलाधिकारियों द्वारा असलहों का लाइसेंस लेने वालों और आबकारी अधिकारी द्वारा शराब लाइसेंस लेने वालों से पांच-पांच हजार रुपये भी समिति के नाम पर जमा होंगे।
इसके अलावा स्टेडियम में वॉक करने वाले 60 वर्ष के ऊपर के विशिष्ट अधिकारी से 30000 और 60 वर्ष से कम आयु के विशिष्ठ अधिकारी से 25000 रुपए एकमुश्त प्रोत्साहन समिति के नाम पर लिए जाएंगे। इसके बाद उक्त व्यक्ति को स्टेडियम का लाइफटाइम मेंबर बनाया जाएगा। साथ ही उसे वर्ष भर की कुल मासिक शुल्क में छूट भी मिलेगी।
प्रदेश में खेलों के विकास में प्रोत्साहन समिति का गठन कारगर हो सकता है। समिति के माध्यम से मिलने वाली धनराशि का उपयोग प्रदेश में स्टेडियम के रखरखाव के अलावा पूर्व एवं वर्तमान खिलाड़ियों की आर्थिक स्थिति को सुधारने में किया जा सकता है। साथ ही प्रतिवर्ष होने वाले खेल आयोजनों में भी समिति के मद से खर्च किया जा सकेगा।
- डॉ. आरपी सिंह, खेल निदेशक