इस तरह ऑनलाइन होगा काम
नगर निगम के एक अधिकारी ने बताया कि ओटीएस की ऑनलाइन सुविधा के लिए लिए भवनस्वामी को नगर निगम की वेबसाइट lmc.up.nic.in पर जाना होगा। यहीं पर उसी ओटीएस योजना का लिंक मिलेगा। इस पर जाकर भवनस्वामी को अपनी गृहकर हाउस आईडी डालनी होगी। उसके बाद पासवर्ड डालना होगा। इसके बाद उसका बिल खुलकर सामने आ जाएगा। इसी पर पेमेंट का आप्शन भी दिया जाएगा। जो भवनस्वामी पहली बार वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन सुविधा का लाभ लेगा उसे पहले यूजर आईडी पासवर्ड बनाना होगा। उसके बाद वह ओटीएस लिंक पर जा सकेगा।
आपत्तियों को भी होगा निस्तारण
ओटीएस का जो शासनादेश जारी हुआ है उसमें यह भी कहा गया है कि यदि किसी भवनस्वामी के गृहकर में कोई आपत्ति है तो उसका निस्तारण भी प्राथमिकता पर किया जाएगा। ताकि वह योजना का लाभ उठा सके। ऐसे में यदि किसी भवनस्वामी के गृहकर बिल में कोई गड़बड़ी है तो वह उसको दूर कराने के लिए संबंधित जोन ऑफिस में आवेदन दे सकता है। इसका निस्तारण 15 दिन में अधिकारी को करना होगा। इसके लिए 15 अगस्त से हर जोन में एक हेल्प डेस्क शुरू की जाएगी।
नगर निगम बकाया गृहकर पर 15 प्रतिशत की दर से ब्याज लेता है। यदि आप दूसरे साल भी जमा नहीं करते हैं तो जो 15 प्रतिशत ब्याज लगता है मूल टैक्स में जोड़कर फिर बकाया बना दिया जाता और नए साल में उस पर 15 प्रतिशत ब्याज लगता है। यानी यह चक्रवृद्धि ब्याज की तरह चलता है। ऐसे में जो लोग टैक्स जमा नहीं करते हैं उन पर ब्याज बढ़ता जाता है। कई बार निगम कर्मचारी भी कई साल पीछे से गृहकर रिवाइज कर देते हैं। जिस पर ब्याज भी उसी तरह लगा देते हैं।
किस जोन में कितने भवनस्वामी ओटीएस के दायरे में
- जोन एक--24705
- जोन दो--20847
- जोन तीन--41740
- जोन चार--21442
- जोन पांच--15676
- जोन छह--62511
- जोन सात--26319
- जोन आठ--30239