प्रदेश में अब बालू, मौरंग, गिट्टी सहित उप खनिजों के खनन पट्टे के लिए बैंक गारंटी और हैसियत प्रमाण पत्र देना होगा। उप खनिजों के पट्टे के लिए मांग पत्र जारी होने के एक महीने की अवधि में खनन प्लान पेश नहीं करने और पर्यावरणीय अनापत्ति के लिए आवेदन नहीं करने पर आवेदक से दस हजार रुपये प्रतिदिन की दर से जुर्माना वसूला जाएगा।
विज्ञापन
प्रदेश में खनन पट्टा धारकों के गिरोह की मनमर्जी और नियमों के खुलेआम उल्लंघन पर नकेल कसने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश उप खनिज (परिहार) नियमावली में 47वें संशोधन को मंजूरी दी।
राज्य सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि प्रस्तावक को उप खनिजों के खनन पट्टा के लिए लेटर ऑफ इन्टेन्ट जारी होने के एक महीने के अन्दर खनन प्लान प्रस्तुत करना होगा। खनन प्लान का अनुमोदन होने के एक महीने की अवधि में पर्यावरणीय अनापत्ति के लिए आवेदन पत्र प्रस्तुत करना होगा।
विज्ञापन
Trending Videos
पर्यावरणीय अनापत्ति की स्वीकृति के लिए आपत्तियों का समाधान करना होगा। पर्यावरण स्वच्छता प्रमाण पत्र जारी होने के एक महीने में खनन लाइसेंस जारी किया जाएगा। बालू मौरंग का खनन, पट्टा जारी होने के तुरंत बाद करना होगा। जबकि अन्य उप खनिजों में खनन पट्टा जारी होने के तीन महीने के अंदर खनन कार्य शुरू करना होगा।
सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि नियमों का उल्लंघन करने, एक महीने में खनन योजना प्रस्तुत नहीं करने और पर्यावरण अनापत्ति के लिए आवेदन प्रस्तुत नहीं करने पर आवेदक से 10,000 रुपये प्रतिदिन की दर से जुर्माना वसूला जाएगा।
पर्यावरण अनापत्ति की तिथि से एक माह के भीतर खनन लाइसेंस जारी नहीं कराने पर आवेदक की ओर से जमा प्रथम किश्त और प्रतिभूति राशि को जब्त किया जाएगा। आवेदक ने निर्धारित समयावधि में पर्यावरण अनापत्ति के लिए आवश्यक प्रक्रिया को पूरा नहीं किया तो जिला मजिस्ट्रेट लेटर ऑफ इन्टेन्ट निरस्त कर सकेंगे।
बैंक गारंटी और हैसियत प्रमाण पत्र जरूरी
सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि उप खनिजों की ई-निविदा और ई-नीलामी के लिए आवेदक का हैसियत प्रमाण पत्र और बैंक गारंटी जमा की जाएगी। हैसियत प्रमाण पत्र और बैंक गारंटी, नीलामी की राशि के 25 प्रतिशत के बराबर होगी। उन्होंने बताया कि खनन पट्टा धारक यदि लीज राशि या रायल्टी नहीं चुकाएंगे तो उनकी बैंक गारंटी और हैसियत प्रमाण पत्र से उसकी वसूली की जा सकेगी।
मासिक किस्त जमा करानी होगी
सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि बालू, मौरंग के खनन पट्टों की त्रैमासिक किस्त के स्थान पर नौ महीने मासिक किस्त जमा की जाएगी। जुलाई, अगस्त और सितम्बर में बालू मौरंग का खनन बंद रहता है इसलिए इन तीनों की त्रैमासिक किस्त जमा की जाएगी।
कृषि भूमि से बजरी, बोल्डर को हटाने का भी लाइसेंस मिलेगा
सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि कृषि भूमि में बाढ़ के साथ बहकर आए बालू और मौरंग के साथ अब बजरी और बोल्डर को हटाने का लाइसेंस भी दिया जाएगा। लाइसेंस के लिए कृषि भूमि पर पांच वर्ष से कृषि कार्य होने का प्रमाण प्रस्तुत करना होगा और रायल्टी को दोगुना किया जाएगा।
निजी भूमि में खनन पट्टे पर पहला अधिकार भू स्वामी का
सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि गैर कृषि निजी भूमि में उपलब्ध इमारती पत्थर एवं बालू, मौरंग के खनन पट्टों में पहला मौका भू स्वामी को दिया जाएगा। निजी भूमि पर न्यूनतम एक हेक्टेयर के खनन पट्टा क्षेत्र को ई-निविदा, ई-नीलामी, ई -निविदा सह ई-नीलामी के माध्यम से स्वीकृत किया जाएगा। यदि भू स्वामी खनन पट्टा क्षेत्र के लिए इनकार करते हैं तो उच्चतम बिड दर के आधार पर पट्टा स्वीकृत किया जाएगा। पट्टा धारक द्वारा सरकार की ओर से निर्धारित राशि का भुगतान समय समय पर भू स्वामी को किया जाएगा।