राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 45 हजार होमगार्ड की भर्ती प्रक्रिया को पूरा किया जा रहा है। जिन आपदा मित्रों को प्रशिक्षण दिया गया है उन्हें इस भर्ती में प्राथमिकता देंगे। होमगार्ड को भी आपदा मित्र का प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से दिया जाएगा। सरकार इन्हें अच्छी सुविधा, मानदेय, पांच लाख रुपये की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा, घटना-दुर्घटना होने पर परिजनों को लगभग 35-40 लाख रुपये और मुख्यमंत्री राहत कोष से पांच लाख रुपये अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराती है।
सीएम ने कहा कि यूपी पहला राज्य है, जिसने मानव-वन्य जीव द्वंद्व को भी आपदा की श्रेणी में रखा है। उन्होंने दो दिन पहले बहराइच में हुई घटना पर दुख जताया। कहा कि 12 साल के बच्चे को मगरमच्छ ने निगल लिया। सभी लोग मगरमच्छ वाले संवेदनशील क्षेत्र के साथ ही यह भी जानते हैं कि वे पूरे जीवन में चार-पांच किमी. के दायरे में ही रहता है। ऐसे में जीव-जंतु से जबर्दस्ती खिलवाड़ न करें। सीएम ने दुख जताया कि ऐसी घटना के समय लोग वीडियो बनाते रहते हैं, लेकिन बचाव पर ध्यान नहीं देते।
सीएम ने बताया कि बिजनौर में दो वर्ष में 80 तेंदुओं को रेस्क्यू (बचाव) किया गया। यह गन्ने के खेत में अधिक पाए जा रहे हैं। लोगों ने उसे शुगर लैपर्ड नाम दिया है। जागरूक न होने पर लोग उसकी चपेट में आ जाएंगे। सीएम ने टाइगर व लैपर्ड के स्वभाव का अंतर बताते हुए कहा कि उसके खतरे वाले क्षेत्र को चिह्नित करके लोगों को अवगत कराएंगे तो बड़ी जनहानि रोकी जा सकती है।